गोरखपुर। शहर की सफाई व्यवस्था और नगर निगम से जुड़े अन्य कार्यों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया है। ऑपरेशन त्रिनेत्र से जुड़े कैमरों की मदद से इसकी निगरानी करनी थी, लेकिन त्रिनेत्र के कैमराें से फीड न आने की वजह से यह व्यवस्था सही से काम नहीं कर रही है। इससे निपटने के लिए नगर निगम अब 50 जगहों पर 200 कैमरे लगाने जा रहा है। एक महीने के अंदर यह काम पूरा भी हो जाएगा।
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर को नगर निगम के भूतल पर बनाया गया है। इसे सफाई, शहरवासियों की सुरक्षा और विकास कार्याें की निगरानी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट 5.15 करोड़ रुपये का था जिसमें चयनित फर्म पांच साल तक इसका रखरखाव भी करेगी। निगरानी के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र और आईटीएमएस के कैमरों की फीड लेनी थी, लेकिन त्रिनेत्र की फीड सही से नहीं मिल रही है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि आईसीसीसी के प्रोजेक्ट के तहत 200 कैमरे लगाए जाने थे। इसे लेकर सर्वे का काम चल रहा है। किन जगहों पर कैमरों की जरूरत है, सर्वे की रिपोर्ट के बाद इसे इंस्टॉल करवाया जाएगा। योजना के तहत रिकार्ड किए गए फुटेज को स्थानीय स्तर पर स्टोर किया जा सकेगा।
पथ प्रकाश और वाहनों की निगरानी
आईसीसीसी से सुरक्षा और सफाई के साथ ही पथ प्रकाश और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की भी निगरानी हो रही है। कंट्रोल रूम से ही शहर में लगीं लाइट को चालू और बंद करने का काम होता है। इसके साथ ही किस वार्ड में कितना कूड़ा कलेक्शन हुआ इसकी निगरानी भी हो रही है।
कोट...
आईसीसीसी के लिए 50 जगहाें पर कैमरे लगने हैं। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। काम पूरा होने के बाद जल्द ही इसे लगा दिया जाएगा।
- संजय चौहान, मुख्य अभियंता, नगर निगम