डिजिटाइजेशन के दौर में नगर निगम भी पीछे नहीं है। अब लोगों का हाउस टैक्स बिल उनके घर पहुंचेगा और वहीं पर उन्हें पेमेंट करने का अवसर भी मिल जाएगा। इसके लिए उन्हें निगम कार्यालय में आने की जरूरत नहीं होगी।
टैक्स वसूली के लिए नगर निगम के पास कुशल कार्मिकों की कमी थी। इस वजह से बकाया कर वसूली में दिक्कत आ रही थी। इस समस्या को दूर करने के लिए निगम ने एक एजेंसी का चयन किया है जो घर-घर जाकर हाउस टैक्स का बिल निकालकर टैक्स वसूलेगी। इससे कर वसूली के कार्य को भी गति मिलेगी।
बचे मकानों का होगा सर्वे
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि मेसर्स लॉजीकूफ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है। यह एजेंसी डिजिटल बिल निकालने और वसूलने के साथ ही जीआईएस सर्वे में बचे मकानों का सर्वे करेगी। ई-निविदा के माध्यम से इस एजेंसी का चयन करते हुए अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध के तहत एक एस्क्रो अकाउंट भी खोला जाएगा।