लक्ष्मी प्रतिमा के पास ही हत्या की खबर सुनते ही एकत्र हो गए गांव के लोग
साथ में सोए किशोर की मौत देखकर सहम गया था अजीत, बोला-दोस्त को बचा लो
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मोनू आठ साल से अपनी बहन के पास गुजरात के बड़ौदा में रहता था। वह त्योहार मनाने के लिए अक्तूबर में ही अपने गांव सुरैना लौटा था। शुक्रवार की रात में लक्ष्मी प्रतिमा के पास गोली मारकर हत्या की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में गांव के लोग मौके पर एकत्र हो गए। उधर, गोली लगने से मोनू की मौके पर ही मौत हो गई थी, यह देखकर घायल अजीत दहाड़े मारकर रोने लगा। वह बार-बार यही कह रहा था कि मेरे दोस्त को बचा लो।
जानकारी के मुताबिक, प्रतिमा स्थापित होने के बाद से वहां अजीत और उसका भाई मोहित ही सोते थे। लेकिन शुक्रवार की रात में जिद करके मोनू अपने दोस्त अजीत के पास सो गया। मोहित कुछ दूरी पर सोया था। रात में आरोपी भोलू निषाद लक्ष्मी प्रतिमा पंडाल में बाइक से आया। उसे यह पता था कि दोनों भाई साथ ही सोते हैं। दोनों की हत्या करने के इरादे से उसने साथ सोए दो लोगों पर पिस्टल से फायर कर दिया। लेकिन गोली मोनू के सीने में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अजीत गंभीर से रूप से घायल हो गया।
गोली चलने के बाद अफरातफरी मच गई। जो जहां था, वहीं से भागने लगा। इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया। मौत की सूचना पाकर घरवाले भी पहुंच गए थे और चीख पुकार मच गई। मोनू का भाई अरविंद और पिता रामजतन बदहवास हो गए। अरविंद अपने पिता रामजतन के साथ मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है।
घटना की सूचना पर रात में ही एसपी नार्थ मनोज अवस्थी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगा दिया गया। सुबह आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया।
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जबरन शादी करने का दबाव बना रहा था भोलू
नंदू के लड़की के शादी की बात कुछ समय पहले भोलू निषाद से हुई थी। लेकिन, भोलू निषाद की सोहबत ठीक न होने की वजह से लड़की के घरवालों ने रिश्ते से इनकार कर दिया। इसके बाद नंदू ने अपनी बेटी की शादी दूसरी जगह पर तय कर दी। इसकी जानकारी होने के बाद से ही भोलू जबरन शादी करने का दबाव बनाने लगा। नंदू के दोनों बेटे भी बहन का रिश्ता भोलू से नहीं चाहते थे और इसलिए वे भी लगातार विरोध कर रहे थे।
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दो दिन पहले भी अजीत से किया था विवाद
दो दिन पहले भी भोलू ने अजीत से विवाद किया था। वह जबरन घर का नंबर मांग रहा था। लेकिन, तब गांव के मौजूद लोगों ने मामले को शांत करा दिया था। इसी मनमुटाव के बाद शुक्रवार को वारदात को अंजाम दिया गया।