गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को डायरेक्ट एडमिशन ऑफ स्टूडेंट अब्रॉड (डासा) के जरिए प्रवेश के लिए एनआईटी रायपुर ने पैनल में शामिल कर लिया है। इससे विदेशी छात्रों के लिए प्रवेश की राह आसान हो गई है। विदेशी छात्रों के लिए 15 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गईं हैं।
खाड़ी देशों में कमाने वाले लोगों के बच्चों को भी इसी 15 प्रतिशत में ही प्रवेश मिलेगा। इसके पांच प्रतिशत कोटे में उन्हें प्रवेश देने की तैयारी है। डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. वीके द्विवेदी ने बताया कि खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों के बच्चों का शुल्क भी भारतीय मानक के अनुसार 1.25 लाख रुपये होगा। इन्हें एमएमएमयूटी में आवेदन करना होगा। दूसरी तरफ एनआईटी रायपुर की ओर से काउंसलिंग के बाद विदेशी छात्रों को एमएमएमयूटी में प्रवेश के लिए भेजा जाएगा। विदेशी छात्रों के लिए अंबेडकर छात्रावास में नए कक्ष का निर्माण कराया गया है। सार्क देशों के छात्रों को सालाना चार हजार डॉलर शुल्क देना होगा। जबकि डासा के जरिए प्रवेश लेने वाले दूसरे देशों के छात्रों का सालाना शुल्क आठ हजार डॉलर होगा। डासा के माध्यम से आए आवेदनों के बाद की खाली सीटों पर पड़ोसी और अन्य देशों के छात्रों का सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश लिया जाएगा।
‘डासा’ के जरिए प्रवेश के लिए एनआईटी ने एमएमएमयूटी को अपने पैनल में शामिल किया है। इसमें विदेशी छात्रों के लिए 15 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है। खाड़ी देशों में कमाने वाले लोगों के बच्चों को इसमें से पांच प्रतिशत कोटा दिया जाएगा।
- प्रो. जेपी सैनी, कुलपति