गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष के छात्रों को क्रेडिट स्कोर के तनाव काे कम करने को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसमें अंतिम वर्ष के छात्र को निर्धारित क्रेडिट स्कोर से राहत देते हुए उसमें संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। जिससे की छात्र अंतिम वर्ष खुले मन से इंटर्नशिप और अपना प्रोजेक्ट तैयार करने का काम कर सकें। इसे विश्वविद्यालय की 28 अक्तूबर को होने वाली विद्या परिषद की बैठक में रखने का निर्णय लिया गया है। विद्या परिषद से अनुमोदन के बाद उसे कार्यपरिषद में रखा जाएगा।
बीटेक के चार वर्ष के पाठ्यक्रम के लिए 160 क्रेडिट स्कोर निर्धारित है। प्रत्येक वर्ष के लिए 40-40 क्रेडिट स्कोर निर्धारित किया गया है। प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष तो छात्र पढ़ाई के साथ क्रेडिट को पूरा करने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती, लेकिन अंतिम वर्ष इंटर्नशिप करने दूसरे शहर जाना पड़ता है। इसके अलावा उनको प्रोजेक्ट तैयार करने में भी शिक्षण संस्थान से दूर जाना पड़ता है। जिसके चलते वह क्लास नहीं ले पाते। उनकी अनुपस्थिति का असर उनके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। इसको ध्यान में रखने हुए एमएमएमयूटी ने अंतिम वर्ष के छात्रों को राहत देने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
अंतिम वर्ष के लिए निर्धारित 40 क्रेडिट स्कोर को छात्र प्रथम, द्वितीय व तृतीय सेमेस्टर में मिलाकर अंतिम वर्ष का 50 प्रतिशत तक का क्रेडिट स्कोर पूरा कर सकते हैं। जिससे की अंतिम वर्ष में उनको कम से कम क्रेडिट स्कोर का लक्ष्य हासिल करने में दिक्कत नहीं होगी।
स्टार्टअप शुरू करने वाले छात्रों को भी मिलेगा लाभ
सरकार की मंशा है कि युवाओं को स्टार्टअप की तरफ आकर्षित किया जाए। इसको ध्यान में रखते हुए बीटेक अंतिम वर्ष में अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले छात्र को भी क्रेडिट स्कोर को शुरुआती वर्ष में पूरा करने का लाभ मिलेगा।
बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र इंटर्नशिप या अपना स्टार्टअप को मनोयोग से कर सकें। इसके लिए उनको अंतिम वर्ष में क्रेडिट स्कोर को प्राप्त करने के लक्ष्य से राहत देने की कार्ययोजना तैयार किया गया है। छात्र अंतिम वर्ष के निर्धारित क्रेडिट स्कोर के अधिकांश को शुरुआती वर्ष में पूरा कर सकता है। इस कार्ययोजना को विद्या परिषद से पास कराने के बाद कार्यपरिषद में रखा जाएगा।
-प्रो. जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी