पूर्व सीएम वीर बहादुर सिंह के बेटे, पूर्व मंत्री एवं कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह की ओर से खुद की जान को खतरा बताने के मामले में अब सियासत गरमा गई है। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र में विधायक के खिलाफ कुर्मी बिरादरी एकजुट होने लगी है।
रविवार को राजीव रंजन चौधरी की मां और भाजपा से जिला पंचायत सदस्य सरोज देवी समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सकती हैं। वहीं, भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह भी मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी में हैं।
सपा प्रत्याशी का समर्थन न करने पर पति व बेटे काे फंसा रहे विधायक
पीपीगंज वार्ड नंबर 15 से भाजपा की जिला पंचायत सदस्य सरोज देवी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करके कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह पर लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी का समर्थन करने पर पति व बेटे को फंसाने का आरोप लगाया है। कहा कि सीएम से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि चुनाव में समर्थन नहीं करने से विधायक बहुत अधिक नाराज हो गए थे। इसके चलते मेरे बेटे राजीव रंजन चौधरी पर फर्जी केस में फंसा दिया। जिसकी प्रताड़ना से मेरा बेटा भागता फिर रहा है। विधायक की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
उनके द्वारा मेरे क्षेत्र राजनैतिक द्वेष वश कोई भी विकास कार्य नहीं होने दिया जा रहा है। विधायक द्वारा मुझे और मेरे परिवार को नेस्तनाबूद करने की धमकी दी जा रही है। साथ ही कई तरह के मनगढ़त आरोप लगाए गए हैं। ताकि हमें और प्रताड़ित किया जा सके।
कैंपियरगंज के भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर है।लेकिन कुछ पुलिस वाले अपराधियों को शह देकर छवि खराब कर रहे हैं। मैंने सुरक्षा का मामला उठाकर सारी वस्तुस्थिति से पहले ही अवगत करा दिया है।
पुलिस अब दो-तीन दिनों में लीपापोती करने में लगी है। मैंने पहले ही कहा है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। ताकि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं इसका खुलासा हो सके। जिला पंचायत सदस्य का आरोप पूरी तरह से गलत है। वह अपने बेटे को बचाने में इस तरह का बयान दे रही हैं। पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री को अवगत कराउंगा।
हिस्ट्रीशीटर पर मिले पांच केस, रिपोर्ट तैयार कर रही पुलिस
पीपीगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर राजीव रंजन चौधरी पर कैंपियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह ने हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। विधायक का आरोप है कि राजीव पर 22 केस दर्ज हैं। लेकिन पुलिस की जांच में राजीव रंजन के ऊपर थानों में केवल पांच केस दर्ज मिले हैं।
यह पांचों केस गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के थानों में दर्ज है। आरोपों की जांच करके पुलिस रिपोर्ट 14 दिन में तैयार कर प्रस्तुत कर सकती है। वहीं, लोकसभा चुनाव में गमछे को लेकर सपा और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई थी। इसमें राजीव रंजन को भी आरोपी बनाया गया था।
पीपीगंज पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो पुलिस की जांच में अभी तक मारपीट के समय राजीव की मौजूदगी नहीं पाई गई है। विधायक द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद इस मामले की जांच भी तेज कर दी गई है। इसकी मॉनिटरिंग एसपी और सीओ भी कर रहे हैं।