शहर के स्कूलों में नाबालिग बाइक और स्कूटी लेकर पहुंच रहे हैं। खतरनाक होने के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। परिवहन विभाग के जिम्मेदारों के साथ ही स्कूल प्रबंधन बच्चों को बाइक और स्कूटी लेकर स्कूल आने पर रोक नहीं पा रहे हैं।
सिविल लाइंस क्षेत्र के स्कूल में बाइक और स्कूटी की लंबी कतार देखने को मिल रही है। मोटर वाहन एक्ट के अंतर्गत नाबालिग के वाहन से अगर किसी तरह की दुर्घटना होती है तो अभिभावकों को तीन साल की जेल हो सकती है। साथ ही उनपर 25 हजार रुपये के जुर्माना का प्रावधान है।
इतने सख्त नियम के बाद भी बड़ी संख्या में अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को बाइक और स्कूटी से स्कूल भेजते हैं।परिवहन विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि अभिभावक ही अपने बच्चों की जान को जोखिम में डालकर बाइक-स्कूटी से स्कूल भेज रहे हैं।
स्कूल प्रबंधन भी बच्चों को बाइक से स्कूल आने पर नहीं रोक पा रहा। जबकि शासन का सख्त निर्देश है कि कोई भी नाबालिग बाइक या स्कूटी लेकर स्कूल के भीतर प्रवेश न करने पाए। इसके बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन बाइक और स्कूटी लेकर स्कूल आने वाले नाबालिगों को स्कूल में प्रवेश दे रहे हैं।