गोरखपुर/महावीर छपरा। बेलीपार के महाबीर छपरा चौराहे पर बिना लाइसेंस के चल रही दो दुकानों पर औषधि नियंत्रण विभाग ने सोमवार को छापा मारा। दोनों दुकानों को सीज कर करीब तीन लाख रुपये की दवाएं जब्त की गईं। चार दवाओं की जांच के लिए सैंपल भी लिया गया है। इस मामले में बेलीपार पुलिस दोनों दुकान संचालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बेलीपार के भीटी गांव निवासी विजय शंकर कुसमौल रोड पर कैलाश मेडिसिन के नाम से दवा की दुकान चलाते हैं। इसी रोड पर कस्बे के रहने वाले मनीष जायसवाल भी दवा की दुकान खोले हुए हैं। ड्रग विभाग के मुताबिक, दोनों ने बिना लाइसेंस के ही दवा की दुकान खोली थी। विभाग से कस्बे के ही एक व्यक्ति ने शिकायत की थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए ड्रग विभाग की टीम ने दोनों दुकानदारों को दवा बेचते पकड़ लिया।
अचानक हुई कार्रवाई से कस्बे के दवा व्यापारियों में हड़कंप मच गया। दवा की दुकानें बंद हो गईं। बताया जा रहा है कि कस्बे में लंबे समय से बिना लाइसेंस की दवाओं के दुकानों का संचालन हो रहा है।
इस दौरान सहायक औषधि आयुक्त गोरखपुर मंडल एजाज अहमद, ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर महाराजगंज शिव कुमार नायक, ड्रग इंस्पेक्टर देवरिया रुद्रेश त्रिपाठी और ड्रग इंस्पेक्टर कुशीनगर दीपक पांडेय मौजूद रहे।
दो दवा की दुकानें बिना लाइसेंस के चल रही थी। मौके पर दोनों दुकान संचालकों ने कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। मामले में तीन लाख की दवाएं जब्त की गई हैं। साथ ही चार दवाओं के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-जय सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर