- एनजीओ की शिकायत पर जांच में प्राइवेट प्रैक्टिस के साक्ष्य नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रो विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. ठाकुर प्रशांत सिंह पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का आरोप लगा है। एक एनजीओ की शिकायत के बाद जांच में इसकी पुष्टि तो नहीं हुई है, लेकिन प्राचार्य ने संबंधित डॉक्टर को चेतावनी दी है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने की हिदायत दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा शिकायत की गई थी। अमिताभ ठाकुर ने डॉ. ठाकुर प्रशांत सिंह के नाम पर निकले उस विज्ञापन के आधार पर शिकायत की थी, जिसमें लिखा था कि उनके पास एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी और ईआरसीपी की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गणेश कुमार ने कहा है कि गैस्ट्रो विभाग की आख्या के अनुसार डॉ. ठाकुर प्रशांत सिंह द्वारा कभी विज्ञापन नहीं निकाला गया है। उनके द्वारा कॉलेज में नियमित रूप से परामर्श और चिकित्सा का कार्य किया जा रहा। वह ड्यूटी के समय कोई प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते हैं और पिछले एक साल से पूरी निष्ठा के साथ कॉलेज में अपना योगदान दे रहे हैं। लेकिन, उन्हें चेतावनी दी गई है।
अब अमिताभ ठाकुर ने इस जांच रिपोर्ट पर आपत्ति करते हुए पुनः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि डेंटल विभाग के डॉ. मनोज यादव और डॉ. प्रवीण पर लगे आरोपों की तरह इस मामले में भी जानबूझ कर पूरी तरह लीपापोती की गई है।