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संशोधित: मेडिकल कॉलेज हंगामा

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बीआरडी : नंबर लगाने को 100 रुपये नहीं दिए तो बुजुर्ग को धक्का देकर निकाला
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मेडिकल कॉलेज में बुजुर्ग ने लगाया आरोप-नंबर लगाने के लिए 100 रुपये ले रहा था कर्मचारी

चौकी के सिपाहियों ने पहुंचकर करवाया अल्ट्रासाउंड, अब बेड से भगाने की धमकी दे रहे कर्मचारी



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 12 में बेड नंबर 13 पर भर्ती बस्ती जिले की मरीज के बुजुर्ग पति के साथ बृहस्पतिवार को दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के लिए नंबर लगाने के लिए कर्मचारी 100 रुपये सुविधा शुल्क मांग रहे थे। मना करने पर गालीगलौज की गई। उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। पीड़ित पुलिस चौकी पहुंचा तो वहां से आए पुलिसकर्मियों ने अपनी निगरानी में अल्ट्रासाउंड कराया। आरोप है कि अब कर्मचारी उसे बेड से भगाने की धमकी दे रहे हैं।



जानकारी के अनुसार, बीआरडी के रेडियोलॉजी विभाग में प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। नंबर लगाने के बाद मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। वहीं, इमरजेंसी मरीजों का अल्ट्रासाउंड तत्काल किया जाता है। बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के नवली निवासी लालबाबू की पत्नी कलावती (55) पेट के अल्सर की मरीज हैं। वह रविवार से मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर 12 के बेड नंबर 13 पर भर्ती हैं।
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मरीज के पति लालबाबू ने बताया कि चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया था। नंबर लगाने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह मरीज लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटर गया था।



उन्होंने बताया कि काफी इंतजार के बाद भी नंबर नहीं आया तो एक कर्मचारी से पूछने गया। कर्मचारी ने उन्हें बाहर कर दिया। वहां अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जो लोग पर्ची में 100 रुपये लपेटकर दे रहे थे, उनका अल्ट्रासाउंड पहले किया जा रहा था। लालबाबू का कहना है कि जब उन्होंने पर्ची के साथ नोट लेकर पहले अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था पर एतराज जताया तो कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और धक्का मारकर वहां से बाहर कर दिया।



इसके बाद वह मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिसकर्मियों को अपनी पीड़ा सुनाई। वहां से पुलिस कर्मी साथ लेकर अल्ट्रासाउंड कराने वाले कमरे में पहुंचे तो पुलिसकर्मियों के सामने भी कर्मचारियों ने अपशब्द कहे। पुलिसकर्मियों ने समझा-बुझाकर बीमार महिला का अल्ट्रासाउंड कराया। पीड़ित बुजुर्ग का कहना है कि कर्मचारी अब धमकी दे रहे हैं कि डॉक्टरों से कहकर वार्ड से बाहर निकलवा देंगे।



वर्जन



मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। शुक्रवार को इसके बारे में पता कराया जाएगा। अगर मरीज को किसी प्रकार की दिक्कत है तो पुलिस से पहले अस्पताल प्रबंधन से अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पीड़ित अगर शिकायत करता है तो इसकी जांच कराई जाएगी। मरीज को अगर कोई धमकाएगा तो उस पर भी कार्रवाई होगी।



-डॉ. राजेश कुमार राय, एसआईसी, नेहरू चिकित्सालय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज

मेडिकल कॉलेज में पहले भी हो चुकी हैं मारपीट की घटनाएं

2 जून 2023: देवरिया जिले के निवासी संदीप सिंह मेडिसिन वार्ड में भर्ती थे। पत्नी अंकिता सिंह ने डिस्चार्ज करने को कहा तो जूनियर डॉक्टरों ने कमरे में बंद कर बेल्ट व लात-जूतों से पीटा।
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3 फरवरी 2023 : मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में देवरिया के मदनपुर निवासी शैला देवी को देखने आए उनके भतीजे अजय को पीटा गया। पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और फिर केस दर्ज किया गया था।
29 अक्तूबर 2022 : पिपराइच के घनश्याम राजभर को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
4 अगस्त 2022 : सिद्धार्थनगर के युवक की पिटाई की गई।

21 अगस्त 2021 : पिता की पिटाई का वीडियो बनाने पर जूनियर डॉक्टरों ने युवती को पीटा था।
25 जुलाई 2019 : मेडिसिन वार्ड नंबर 9 में रामदुलारे को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ाकर पीटा था।
12 मई 2019 : मेडिसिन विभाग में इलाज कराने आए आनंद कुमार चौरसिया की मौत हो गई थी। परिजनों ने एक बार जांच करने को कहा तो जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।

22 अप्रैल 2019 : मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान अंशू की मौत हुई और परिजनों को जूनियरों ने पीटा।

06 दिसंबर 2019 : देवरिया के तीमारदार अजय की पिटाई की गई।
10 दिसंबर 2018 : सर्जरी वार्ड नंबर चार में भर्ती आकांक्षा के पिता कोमल को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा।
12 सितंबर 2018 : मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में महिला को पीटा गया। वह देवरिया की रहने वाली थीं।

8 नवंबर 2016 : ट्रामा सेंटर में खुशबू के परिजनों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा था।
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