शहर में करीब डेढ़ सौ साल पुराने रामलीला ग्राउंड से भगवान श्रीराम का नाम जुड़ा है, लेकिन आजकल यह गलत वजहों से चर्चा में है। शहर में रामलीला के आयोजनों के लिए सुविख्यात यह मैदान अब व्यावसायिक इस्तेमाल की वजह से कुश्ती के अखाड़े जैसा नजर आने लगा है।
बवाल की जड़ एक वायरल वीडियो है, जिसके बाद रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों पर आरोप लगने शुरू हो गए। इसके बाद पदाधिकारियों ने दूसरे पक्ष को भी निशाने पर ले लिया। मामला अब सीएम योगी तक पहुंच गया है। जांच भी शुरू हो गई है।हालांकि इन सबके बीच विवादों से लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं।
एक साल से चल रहा विवाद 22 जनवरी की शादी ने गहरा दिया
बर्डघाट स्थित रामलीला ग्राउंड के हाॅल को मैरिज हाॅल के रूप में इस्तेमाल करने का मामला गहराता जा रहा है। इसको लेकर विवाद तो वैसे एक साल से है, लेकिन 22 जनवरी 2024 को हुए एक वैवाहिक आयोजन के बाद यह बढ़ गया। आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए। पूरे प्रकरण में रामलीला कमेटी के पदाधिकारी और पार्षद पति आमने-सामने हो गए हैं।
दरअसल, 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान ही बर्डघाट रामलीला मैदान को कार्यक्रम के लिए पार्षद के पति दिनेश गुप्ता ने मांगा था। उनका आरोप है कि पूरे देश में कार्यक्रम हो रहे थे, लेकिन उस दिन उन्हें न देखकर एक शादी समारोह का आयोजन कराया गया।
जबकि, इसका उद्देश्य ही धार्मिंक, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन है। इसके बाद से ही यह मामला गहराते चला जा रहा है। हालांकि, पूरे प्रकरण में डीएम ने जांच का आदेश दे दिए हैं। उधर, रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने सीएम पोर्टल पर पार्षद पति पर कई गंभीर आरोप लगा दिए। इसकी भी जांच ब शुरू हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, बर्डघाट रामलीला कमेटी का जीर्णोद्धार पर्यटन विभाग की ओर से किया गया। इसके बाद इसके संचालन की जिम्मेदारी डीएम की मौजूदगी में रामलीला कमेटी ट्रस्ट को दे दी गई। उस समय जो शर्त तय किया गया, उसके हिसाब से यहां पर प्रशासन की ओर से होने वाले धार्मिंक, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए हॉल नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाना था और अगर किसी संस्था को इस तरह के कार्यक्रम को करना है तो उसके लिए बाजार से कम दाम पर उपलब्ध कराना था।
मकसद था कि इससे होने वाले आमदनी से खर्च निकल जाए। लेकिन, अब पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। हॉल को वास्तव में कई बड़े लोगों को शादी के लिए दिया गया है। इसके पीछे रामलीला कमेटी का तर्क है कि वह काफी पहले बुकिंग करा लिए थे और खर्च के लिए बुकिंग की अनुमति है।
वहीं, पार्षद के पति दिनेश गुप्ता का कहना है कि वह रामलला के कार्यक्रम के लिए 16 जनवरी से ही पत्र भेज रहे थे, अध्यक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद पता चला कि 22 जनवरी को वहां पर शादी हुई, जिसमें डांस भी हुआ था, जो नियम विरुद्ध है।