15 हजार रुपये का इनामी था दीपू, अगस्त 2022 में तत्कालीन नगर आयुक्त ने दर्ज कराया था केस
- अनुपस्थित कर्मचारियों का मस्टरोल बनाकर उसमें उपस्थित दिखा कर अपने खाते में ले लेता था मानदेय
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नगर निगम के अनुपस्थित सफाई कर्मचारियों के मानदेय को अपने खाते में लेकर गबन करने के आरोपी मेट दीपू को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर अगस्त 2022 में नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने जालसाजी व गबन का केस दर्ज कराया था, तभी से वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी को शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
आरोपी दीपू यादव पिपराइच के लखेसरा गांव का निवासी है। जानकारी के मुताबिक, दीपू यादव डूडा (शहरी आजीविका केंद्र) के अंतर्गत उस समय के वार्ड नंबर 5 महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो का सफाईकर्मियों का मेट था। उसने कूटरचित मस्टरोल बनाकर अन्य अनुपस्थित कर्मचारियों को उपस्थित दिखाकर मानदेय अपने खाते में ले लेता था। उसने सफाईकर्मी आजाद के 23 दिन, सदरून निशा के 25 दिन की उपस्थिति दिखा पैसा ले लिया।
इसी प्रकार दीपू ने कयामुद्दीन का आधार कार्ड लगाकर 4 साल का मानदेय का भुगतान करा लिया। जबकि, कयामुदीन 6 माह मुंबई से काम कर रहा था। उक्त बात तत्कालीन नगर आयुक्त की जांच में सामने आई थी। जांच व अन्य लोगों के बयान के बाद 2 अगस्त 2022 को तत्कालीन नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने केस दर्ज कराया था। तभी से दीपू फरार था। शनिवार को कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि 15 हजार रुपये के आरोपी दीपू को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।