नई महायोजना पर लगाई शर्त को हटाने के लिए जीडीए बोर्ड को किया गया है अधिकृत
जीडीए बोर्ड को व्यावहारिक नीति बनाने के लिए बनाई जाएगी समिति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महायोजना-2031 पर लगाई गईं शर्तों को हटाने के लिए जीडीए बोर्ड को अधिकृत करने के बाद विनियमित क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। जीडीए बोर्ड को इस मामले में व्यावहारिक नीति बनाने के लिए समिति का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही जीडीए इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को जारी करीब आठ हजार नोटिसों को वापस लेने की तैयारी में जुट गया है।
जीडीए की ओर से शासकीय समिति को भेजे गए महायोजना 2031 के प्रारूप पर समिति ने कुछ सुझाव दिए थे। इनमें बाढ़ क्षेत्र को मनोरंजनात्मक क्षेत्र में बदलने की बजाय बाढ़ क्षेत्र ही रखने, ऐसे विनियमित क्षेत्र जहां हरित भू उपयोग हो और जमीन खाली हो, वहां मियावाकी पद्धति से पौधे लगाने व उसका खर्च बने मकानों से वसूल करने को कहा गया था।
इसी के साथ हरित क्षेत्र से अतिरिक्त स्थान पर बने मकानों को नियमित करने के लिए निर्धारित नीति के अनुसार कार्यवाही करने को कहा गया था। इन सुझावों को जीडीए बोर्ड ने स्वीकार नहीं किया था, लेकिन जब महायोजना को लागू करने का पत्र जारी किया गया तो शासकीय समिति ने शर्तों को बरकरार रखा। इसके बाद जीडीए की ओर से इन शर्तों को हटाने का अनुरोध किया गया। कई दौर की बैठकों के बाद मुख्यमंत्री को पहल करने के बाद शासन ने शर्तें हटाने के लिए बोर्ड को अधिकृत किया है। इसके बाद से ही शहर में करीब 2500 एकड़ विनियमित क्षेत्र में रह रहे लोगों को राहत उम्मीद जगने के साथ इस क्षेत्र के में रह रहे लोगों को जारी नोटिस को वापस लेने की चर्चा भी शुरू हो गई है।
वर्जन
नई महायोजना-2031 पर लगाई गई शर्तों को हटाने के संबंध में जीडीए बोर्ड को अधिकृत किया गया है। इसके लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। समिति जल्द ही इस क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंप देगी।
-आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए