गोरखपुर। मार्च क्लोजिंग को लेकर शनिवार को ट्रेजरी ऑफिस में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। दफ्तर में फाइलें लेकर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की भीड़ नजर आई न ही किसी तरह का शोरगुल था। ट्रेजरी ऑफिस के कर्मचारी भी रात तक शासन से आए फंड और बिल जमा होने के साथ ही भुगतान का आंकड़ा जोड़ते रहे। रात नौ बजे तक करीब 40 करोड़ रुपये जारी हुए। रविवार को भी दफ्तर खुलेंगे। लोकसभा चुनाव के चलते अंतिम दिन भारी भरकम धनवर्षा होने की उम्मीद है।
कोषागार कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को सबसे ज्यादा लोक निर्माण विभाग को 19 करोड़ 16 लाख मिले हैं। इस बजट से शहर में सड़काें के निर्माण में देरी नहीं होगी। गोरखपुर विकास प्राधिकरण को अवस्थापना निधि में नौ करोड़ रुपये मिले हैं। इस रकम को जीडीए अपनी कॉलोनियों में सड़क और नाली निर्माण और मरम्मत में खर्च करेगा।
राजकीय निर्माण निगम को चार करोड़ 96 लाख मिले हैं। इस बजट से जिला ग्राम विकास अभिकरण से जुड़े कर्मचारियों को ग्रेच्युटी की राशि दी जाएगी। वहीं, संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। चौथे तैमासिक वेतन के लिए भी शासन ने बजट जारी किया है। अशासकीय संस्कृत विद्यालय व महाविद्यालयों के वेतन मद में 82 लाख 89 हजार रुपये मिले हैं।
इसके अलावा चिड़ियाघर को दो करोड़ 10 लाख मिले हैं। इससे हाथी के लिए नया बाड़ा बनाया जाएगा। पुलिस विभाग को 56 लाख रुपये बजट मिला है। वहीं विभिन्न विभागों और संस्थाओं को भी करीब एक करोड़ मिले हैं। कोषागार कार्यालय के कर्मचारियों की मानें तो रविवार क्लाेजिंग का अंतिम दिन है, इसलिए कार्यालय खुले रहेंगे।
शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन के लिए आदेश जारी
गोरखपुर। शिक्षकों व कर्मचरियों के वेतन के लिए शासन से आदेश जारी हो गया है। विशेष सचिव आलोक दीक्षित ने इस संबंध में मुख्य कोषाधिकारी को पत्र जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि बजट आवंटन की प्रत्याशा में राज्य कर्मचारियों, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलाें, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानाें व चिकित्सा संस्थानों और विश्वविद्यालयों के शिक्षक- कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जाए। इस आदेश के बाद रविवार को कोषागार से वेतन जारी होगा। जिले में लगभग 70 करोड़ की धनराशि इस मद में जारी हो सकती है।
शनिवार रात में करीब 40 करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की गई है। ऑनलाइन बिल भी जमा किए गए। रविवार मार्च क्लोजिंग का अंतिम दिन है। दफ्तर खुला रहेगा और रात तक काम होगा। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि जिले को कितना बजट मिला है।
-प्रवीण सिंह, कोषागार अधिकारी