-अलग-अलग मंडल के कर्मियों की सतर्कता से बचे बड़े रेल हादसे
-हजारों जान और करोड़ों रुपये के माल की भी सुरक्षा हुई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। यार्ड रिमाॅडलिंग के दौरान 25 अगस्त को गोरखपुर कैंट स्टेशन पर बिहार संपर्क क्रांति के दूसरी लाइन में चले जाने की घटना के दौरान सूझबूझ से ट्रेन को रोकने वाले लोको पायलट व सह पायलट समेत विभिन्न रेल खंड के आठ कर्मियों को मंगलवार को पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम चंद्रवीर रमण ने सम्मानित किया। इन कर्मियों की सजगता के चलते न केवल बड़े ट्रेन हादसे होने से बचे, बल्कि हजारों जान और करोड़ों रुपये के माल की भी सुरक्षा हुई। जीएम ने इन कर्मियों को माह का सर्वोत्तम कर्मचारी घोषित करते हुए विशेष संरक्षा पुरस्कार प्रदान किया।
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी मंडल के गोरखपुर/पूर्व के लोको पायलट मेल/एक्सप्रेस दिनेश एवं सहायक लोको पायलट राम प्रवेश यादव 25 अगस्त को ट्रेन नंबर-12565 (बिहार संपर्क क्रांति) में ड्यूटी पर थे। गाड़ी के कुसम्ही से प्रस्थान करने पर कैंट स्टेशन पर होम सिग्नल लाइन नंबर-पांच मेन लाइन के लिए पीला मिला। उस वक्त चूंकि कैंट स्टेशन पर यार्ड रिमाॅडलिंग व तीसरी लाइन का काम चल रहा था, लिहाजा लोको पायलट अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे थे। लोको पायलट का ध्यान प्वाइंट पर गया, तो देखा कि प्वाइंट दूसरी लाइन के लिए सेट है। यह देख इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित रोक लिया गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।
इसी प्रकार गोरखपुर पश्चिम के गाड़ी प्रबंधक/ मेल/ एक्सप्रेस आरएस शर्मा ने 15 अगस्त को ट्रेन नंबर-14617 अप को चलवाने में मदद की थी। कार्य के दौरान घाघराघाट-चौकाघाट के मध्य पुल पर गाड़ी अचानक खड़ी हो गई, जहां से सहायक लोको पायलट का गाड़ी से उतरना संभव नहीं था। आरएस शर्मा ने जोखिम को नजर अंदाज कर प्रभावित कोच के एसीपी को ठीक किया और गाड़ी को प्रस्थान कराया।
लखनऊ मंडल के लखनऊ जं. स्टेशन पर ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत सुनील कुमार गुप्ता ने छह अगस्त को ट्रेन नंबर-12531 में कार्य के दौरान डोमिनगढ़-जगतबेला के मध्य फ्रंट पाॅवर कार में स्पार्किंग एवं धुआं देखकर पाॅवर कार के डीजल की टंकी से डीजल के अत्यधिक बहाव को रोका और नियंत्रण कक्ष, लखनऊ को सूचित कर गाड़ियों का संचालन रुकवाया। इससे एक बड़ा हादसा होने से बचाया गया।
लखपतनगर स्टेशन पर कार्यरत इलेक्ट्रिकल सिग्नल मेंटेनर सूरज प्रसाद ने 29 अगस्त को कांटा सं. 201/टी. की विफलता की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। जांच में पाया गया कि ओएचई पोल सं. 624/20 एवं 22 के मध्य रेल लाइन टूटी हुई है। सूरज प्रसाद की तत्परता से संभावित दुर्घटना से बचा जा सका। इज्जतनगर मंडल के काठगोदाम समाडि डिपो में टेक्नीशियन-। के पद पर कार्यरत जितेंद्र कुमार वर्मा ने आठ अगस्त को बाघ एक्सप्रेस के आगमन पर प्लेटफाॅर्म अनुरक्षण के समय जांच में शयनयान श्रेणी के कोच के एक्सेल बाॅक्स हाउसिंग विंग में क्रेक का पता लगाया। यह क्रेक चलती ट्रेन के दुर्घटना का कारण बन सकता था।
बदायूं में ट्रैक मेंटेनर प्रेम सिंह ने पांच अगस्त को कार्य के दौरान ऊझानी-बदायूं के मध्य पुल सं. 400 पर तेज बारिश के कारण आठ स्लीपर के मध्य का बैलास्ट धंसा देखकर त्वरित कार्रवाई करने हेतु रेल पथ को सुरक्षित किया, जिससे हादसे से बचा जा सका। बदायूं में ट्रैक मेंटेनर पद पर कार्यरत सत्यपाल सिंह मीना ने 23 अगस्त को उझानी-बदायूं के मध्य नवनिर्मित सीमित ऊंचाई के सब-वे सं. 280 सी. पर तेज बारिश के कारण तीन स्लीपर के मध्य बैलास्ट धंसा देखकर तत्काल सूचना दी।