गोरखपुर के बेलघाट में अभिषेक सिंह हत्याकांड के फरार आरोपी मानवेंद्र सिंह ने देवरिया को में आत्मसमर्पण कर दिया। 2019 के एक आर्म्स एक्ट मामले में मानवेंद्र ने सरेंडर किया है। इसके पहले बुधवार की रात में दूसरे आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में मानवेंद्र के साथ कुछ और लोग भी नामजद थे। मामले में मिली जमानत को निरस्त करवा कर मानवेंद्र सिंह ने सरेंडर किया है।
इससे पहले, मानवेंद्र सिंह के पहले बिक्कू सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 2019 में देवरिया कोतवाली में 106/19 के मुकदमा संख्या से केस दर्ज हुआ था। आर्म्स एक्ट मामले में मानवेंद्र सिंह भी आरोपी था।
इस केस में देवरिया में रहने वाले मानवेंद्र सिंह के रिश्तेदार आनंद सिंह ने जमानत ली थी। बृहस्पतिवार को आनंद ने जमानत निरस्त करवा दी। इसी आधार पर मानवेंद्र सिंह ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।
बेलघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सोपाई में 16 फरवरी की देर रात करीब 2 बजे शादी कार्यक्रम से वापस आते समय अभिषेक सिंह उर्फ चंचल (31) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अभिषेक सिंह भी अपने गांव के ही तीन युवकों के साथ बरात गया था। पिता अशोक व चचेरे भाई शिवेंद्र सिंह उर्फ शुभम ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि गांव का मानवेंद्र सिंह बालू के खनन का काम करता है।
दो दिन पहले उसके भाई शैलेंद्र से अभिषेक की रुपये के लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद मानवेंद्र ने हत्या करने की धमकी दी थी। रविवार की रात में करीब दो बजे बरात से अभिषेक उर्फ चंचल लौट रहा था।
चौराहे पर जैसे ही बरातियों वाली बस से नीचे उतरा, गांव के चौराहे पर खड़े मानवेंद्र सिंह उसके चचेरे भाई ज्ञानेंद्र सिंह व साथी अतुल सिंह उर्फ बिट्टू ने घेर लिया। पहले इन लोगों ने अभिषेक को पीटा फिर सीने में दाएं तरफ पिस्टल सटाकर गोली मार दी थी।