मेडिकल कॉलेज में भी बनेगा एलपीजी शवदाह गृह मेयर ने डीएम को दिया निर्देश, डीएम ने जताई सहमति अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। लावारिस के अलावा कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की लाशों का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अंतिम संस्कार हो जाएगा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एलपीजी आधारित शवदाह गृह बनाने का निर्णय लिया गया है। मेयर ने इस संबंध में डीएम को निर्देश दिया है। डीएम ने भी सहमति जता दी है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इन दिनों कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो रही है। इन मरीजों के शवों के अंतिम संस्कार को लेकर काफी ज्यादा दिक्कतें भी हो रही है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए इनके शवों को वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार कर पाना मुश्किल भी हो रहा है। इसके अलावा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लावारिस लाशों के निस्तारण को लेकर भी कॉलेज प्रबंधन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए मेयर सीताराम जायसवाल ने डीएम से वार्ता कर मेडिकल कॉलेज परिसर में ही एलपीजी आधारित शवदाह गृह बनवाने का निर्णय लिया है। - प्रदूषण मुक्त तरीके से शवों के अंतिम संस्कार के लिए नगर निगम की ओर से राप्ती नदी तट पर एक एलपीजी आधारित शव दाह गृह बनाया जा रहा है। मैंने डीएम से बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी एक इसी तरह का शवदाह गृह बनाने का निर्देश दिया है। डीएम ने भी इस पर सहमति जता दी है। इसके निर्माण में 20 से 22 लाख रुपये का खर्च आएगा सीताराम जयसवाल, मेयर