3278 आवेदन का फिर हुआ बैकलॉग, निस्तारित की होगी चुनौती
ई-डिस्टि्रक्ट पोर्टल छह दिन बंद होने के कारण अचानक हुए अधिक आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। तकनीकी कारणों से छह दिन पोर्टल बंद रहने के कारण जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र प्राप्त करना कठिन काम हो गया है। आवेदकों ने पहले आवेदन के लिए इंतजार किया और अब अधिक आवेदन के कारण देर हो रही है। बुधवार को छह दिन बाद पोर्टल खुला तो जाति, आय व निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 3278 लोगों ने आवेदन कर दिया। हालांकि, तहसील प्रशासन का दावा है कि एक दिन में एक हजार से अधिक आवेदनों पर रिपोर्ट लगाई जा रही है।
ई-डिस्टि्रक्ट पोर्टल को शुरुआती दौर में तीन दिन बंद रहने का मैसेज आया था, लेकिन इसकी अवधि बढ़कर छह दिन हो गई। सातवें दिन पोर्टल खुला तो जनसेवा केंद्रों पर आवेदन करने वालों की भरमार हो गई। शैक्षणिक संस्थाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अन्य कार्यों के लिए आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। जाति, आय में लेखपाल, तहसीलदार रिपोर्ट लगाएंगे, जबकि निवास प्रमाणपत्र एसडीएम के आदेश से जारी होंगे।
सामान्य तौर में एक दिन 500-600 आवेदन होते हैं, जबकि एक ही दिन 3278 लोगों का बैकलॉग हो गया। बृहस्पतिवार को भी आवेदन करने वालों की संख्या अधिक रही, जबकि बृहस्पतिवार को हुए आवेदन शुक्रवार को पोर्टल पर दिखेंगे।
एक माह पहले हो गया था 24 हजार बैक लॉग
एक माह पहले भी पोर्टल का सर्वर स्लो होने के दौरान यूपीपी भर्ती एवं स्कॉलरशिप के लिए जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन हुए थे तो बैकलॉग 24 हजार से अधिक हो गया था। तब 80 लेखपालों की ड्यूटी लगाकर प्रमाणपत्र जारी कराए गए थे।
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पोर्टल बंद था इसलिए एक साथ अधिक आवेदन हुए हैं। बैक लॉग समाप्त करने के लिए तेजी से रिपोर्ट लगाई जा रही है। बृहस्पतिवार को 1000 से अधिक आवेदनों की रिपोर्ट लगाई गई। एक सप्ताह के अंदर प्रमाणपत्र जारी हो जाएंगे।
- विकास सिंह, तहसीलदार सदर
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पांच दिन से जाति और आय प्रमाणपत्र का आवेदन करने के लिए हम परेशान थे। अब आवेदन हो गया है तो तसल्ली है कि प्रमाणपत्र प्राप्त हो जाएगा।
- दिलीप कुमार, हरैया, नौसड़
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पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण मेरा जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र नहीं बन पाया है। 10 दिन पहले ही आवेदन किया था। रिपोर्ट लगेगी तो प्रमाणपत्र जारी होगा।
- श्रवण निषाद, नौसड़