गोरखपुर। बांसगांव और सिकरीगंज में हत्या के अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों को शुक्रवार को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाते हुए दोनों ही मामलों में अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर जनपद न्यायाधीश शशि भूषण कुमार शांडिल ने बांसगांव थाना क्षेत्र के उनौला खास निवासी अभियुक्त अमित उर्फ उमेश को आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को एक साल का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन मिश्र का कहना था कि अभियुक्त अमित उर्फ उमेश वादिनी गीता के गांव का ही रहने वाला है।
24 जनवरी 2018 को समय करीब दो बजे रंजिश में अभियुक्त वादिनी के घर में घुस गया और तोड़फोड़ करने लगा। मना करने पर लाइसेंसी असलहे से जान मारने की नियत से वादिनी के भाई अमरजीत उर्फ भीम के ऊपर फायर कर दिया। उसे गंभीर अवस्था में मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
एक अन्य मामले में हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर अपर जनपद न्यायाधीश अवनीश कुमार राय ने सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम ढेबरा बाजार निवासी अभियुक्त बलिराम यादव को आजीवन कारावास एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को छह माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अतुल कुमार शुक्ल एवं धर्मेंद्र कुमार दूबे का कहना था कि वादी राधेश्याम यादव सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम ढेबरा बुजुर्ग का निवासी है। 13 मई 2018 को सुबह सात बजे उसका छोटा भाई ओमप्रकाश यादव ताड़ी पीने के लिए घर से निकला। लगभग एक घंटे बाद आठ बजे वादी को सूचना मिली कि ढखवा बाजार साधन सहकारी समिति के पास उसके भाई ओमप्रकाश की अभियुक्त बलिराम यादव धारदार हथियार से गले व सिर पर मार कर हत्या कर दी है।