दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मारने के दोषी पति और सास को अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) पवन कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,24,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि वादी मुकदमा दयानंद पटवा निवासी घघसरा बाजार, थाना सहजनवां ने थाना कोतवाली सदर, महराजगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी पुत्री शकुंतला का विवाह आठ मार्च 2000 को मनोज कुमार पटवा निवासी इंदिरा नगर वार्ड नंबर 6, थाना कोतवाली सदर, जनपद महाराजगंज के साथ हुआ था।
बेटी को दहेज में कलर टीवी और फ्रिज की मांग को लेकर ससुर कन्हैया लाल पटवा, पति मनोज कुमार पटवा, सास फूलमती देवी, अजिया सास फूला देवी, देवर ध्रुव प्रसाद पटवा व काली प्रसाद पटवा प्रताड़ित करते थे। 15 मई 2001 को ससुरालियों ने उसकी पुत्री को जला दिया। 16 मई को शकुंतला की बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। सूचना पर थाना कोतवाली की पुलिस ने धारा 498 ए, 304, 302 एवं 3 डीपी, एक्ट के तहत सास, ससुर, पति, अजिया सास व दोनों देवर के विरुद्ध केस दर्ज कर पंजीकृत कार्यालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
विचारण के दौरान ससुर कन्हैया लाल पटवा एवं अजिया सास फूला देवी की मृत्यु हो गई एवं देवर ध्रुव प्रसाद पटवा व काली प्रसाद पटवा को किशोर अपचारी घोषित कर दिया गया। 10 गवाहों को पेश कर सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं सबूतों के आधार पर पति और सास को सजा सुनाई है।