26 जनवरी 2007 की रात डीएवी डिग्री कालेज परिसर में शादी समारोह आयोजित था। इस शादी में इस्माइलपुर, कोतवाली निवासी राजकुमार अग्रहरी भी शामिल थे। आर्केस्ट्रा देखने के दौरान उनका कुछ लोगों से रात में एक बजे विवाद हो गया था। दूसरे पक्ष के लोगों ने राजकुमार पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह वहां से बाहर निकले। उस समय कालेज गेट के सामने से मोहर्रम का जुलूस निकल रहा था।
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राजकुमार भागते हुए जुलूस के बीच घुस गए। उन पर हमला करने वाले युवक पीछा करते हुए जुलूस में आ गए और राजकुमार को पीटने लगे। जुलूस के साथ चल रहे तिवारीपुर थाने के तत्कालीन थानेदार रामजी चौधरी ने राजकुमार को हमलावरों के बीच से निकालकर अपनी जीप में पीछे बिठा लिया। कुछ देर बाद हमलावरों ने उन्हें जीप से खींच कर बुरी तरह से पीट दिया।
पुलिस ने उनको मेडिकल कालेज में भर्ती कराया, जहां दूसरे दिन भोर में चार बजे के आसपास उनकी मौत हो गई। राजकुमार के साथ हुई घटना की दोनों समुदायों में अलग-अलग प्रतिक्रिया हुई। शहर में तोड़फोड़, आगजनी कर दी गई। इसके विरोध में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ समर्थकों के साथ खूनीपुर चौराहे पर 27 जनवरी 2007 को धरने पर बैठ गए थे। जिसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था।