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Gorakhpur News: यू-ट्यूब से सीखी जालसाजी, मदद के बहाने एटीएम से निकालने लगे रुपये- सरगना समेत 3 गिरफ्तार

Sat, 31 Aug 2024 10:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

तीनों आरोपी देवरिया जेल में एक साथ बंद थे। सरगना सुरजीत को वहां बांसगांव का सुधीर मिला। उसने यू-ट्यूब के एक वीडियो का जिक्र कर जालसाजी का नया तरीका बताया। जुलाई में जेल से छूटने के बाद सुधीर पंजाब चल गया। बाद में जब सुरजीत, इरफान और अमन जेल से बाहर आए तो यू-ट्यूब का वह वीडियो देखा। उसकी मदद से एटीएम और उसके बूथ के बारे में ढेर सारी जानकारियां जुटाईं।
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पुलिस लाईन में गुलरिहा पुलिस द्वारा पकड़े गएं अंतर्जनपदीय गैंग का खुलासा करते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुलरिहा पुलिस ने शुक्रवार को अंतरजनपदीय गैंग के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी एटीएम बूथ पर मदद के बहाने बुजुर्गों और महिलाओं के कार्ड बदलकर रुपये निकाल लेते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जालसाजी का यह तरीका इन्होंने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर सीखा था।
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पुलिस ने इनके पास से 20 एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन, एक बाइक और तीन हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से एक चित्रकूट जिले का रहने वाला है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान बांसगांव इलाके के बेदौली बाबू गांव निवासी सुरजीत, पिपराइच के मुंडेरी के अमन शर्मा और चित्रकूट जिले के कर्वी थाना क्षेत्र के शत्रुधनपुरी लक्ष्मनपुरी निवासी इरफान के रूप में हुई। गैंग का सरगना सुरजीत है, जिस पर कुशीनगर में पांच और गोरखपुर में सात केस दर्ज हैं। इरफान पर कुशीनगर में सात, पीलीभीत में तीन और गोरखपुर में एक केस दर्ज है। अमन शर्मा पर कुशीनगर में तीन और गोरखपुर में दो केस दर्ज हैं।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि 26 अगस्त को भटहट स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गए पीड़ित का कार्ड मशीन में फंस गया। एटीएम कक्ष में गार्ड का नंबर लिखा था, जिस पर पीड़ित ने फोन किया तो कॉल रिसीव करने वाले ने बताया कि टेक्निशियन के आने पर कार्ड निकल जाएगा। पीड़ित कार्ड छोड़कर चला गया।

थोड़ी देर बाद उसके मोबाइल फोन पर खाते से 30 हजार रुपये निकलने का मैसेज आया। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी। जांच में पता चला कि एटीएम कक्ष में लिखा नंबर गार्ड का नहीं, बल्कि जालसाज का था, जो वहीं बगल में खड़ा होकर बात कर रहा था। इससे पहले 16 अगस्त को जालसाजों ने भटहट स्थित एक एटीएम से रुपये निकालने आए पीड़ित की मदद के बहाने उसका कार्ड बदल दिया।

इसके बाद दूसरे एटीएम से 10 हजार रुपये निकाल लिए। दोनों ही मामलों में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पता चला कि एटीएम से ही दोनों घटनाएं की गई थीं। इसके बाद इस गैंग के सदस्यों की तलाश शुरू हुई।

जेल में मिले आरोपी, छूटे तो करने लगे जालसाजी
तीनों आरोपी देवरिया जेल में एक साथ बंद थे। सरगना सुरजीत को वहां बांसगांव का सुधीर मिला। उसने यू-ट्यूब के एक वीडियो का जिक्र कर जालसाजी का नया तरीका बताया। जुलाई में जेल से छूटने के बाद सुधीर पंजाब चल गया। बाद में जब सुरजीत, इरफान और अमन जेल से बाहर आए तो यू-ट्यूब का वह वीडियो देखा।

उसकी मदद से एटीएम और उसके बूथ के बारे में ढेर सारी जानकारियां जुटाईं। कुशीनगर में इनके खिलाफ कई केस थे, इसलिए गोरखपुर में जालसाजी की साजिश रची।

कई एटीएम बूथ में लिख दिए थे अपने नंबर
बदमाशों के पास से विभिन्न बैंकों के 20 एटीएम कार्ड भी मिले हैं। पुलिस ने बताया कि ये करीब हर बैंक का एटीएम कार्ड अपने पास रखते थे, ताकि किसी से बदलते समय उसे संदेह न हो। सरगना सुरजीत दिनभर एटीएम की रेकी करता था। इरफान और अमन घटना को अंजाम देते थे। इन्होंने कई एटीएम में जाकर हेल्पलाइन और गार्ड के नाम के आगे अपने नंबर लिख दिए थे। इसकी जांच चल रही है।

एसएसपी ने की अपील
एटीएम से रुपये निकालते समय सावधानी बरतें। किसी अनजान या अन्य व्यक्ति पर संदेह होने पर डायल-112 पर सूचना दें। घर के बुजुर्गों या महिलाएं, जिन्हें एटीएम से रुपये निकालने में परेशानी हो, उन्हें न भेजें।
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