10 करोड़ की लागत से शहर के इस प्रमुख पार्क का किया जाएगा सुंदरीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के सबसे प्रमुख पार्कों में से एक लालडिग्गी पार्क की सूरत अब बदल जाएगी। इसे दिल्ली के नर्सरी ताज और कर्तव्य पथ की तरह विकसित किया जाएगा। पूरे ढांचे को बदल कर बेहद आधुनिक करने के साथ यहां मांगलिक कार्यक्रमों के आयोजन भी होंगे। लालडिग्गी पार्क में गीता वटिका, बाल वाटिका भी बनाया जाएगा। इसके अलावा शहीद राम प्रसाद बिस्मिल स्मारक भी बनेगा।
नगर निगम ने लालडिग्गी पार्क का सुंदरीकरण पीपीपी मॉडल पर कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए नगर निगम ने आठ दिसंबर तक एक्सप्रेस ऑफ इंडेंट (रुचि की अभिव्यक्ति) की तिथि निर्धारित की है। इसके बाद टेंडर निकला जाएगा। इसे बनाए जाने का अनुमानित व्यय 10 करोड़ रुपये है।
सुंदरीकरण के बाद लालडिग्गी समेत आसपास के अन्य इलाके और खूबसूरत हो जाएंगे। दरअसल, कई बार लालडिग्गी पार्क के सुंदरीकरण का काम प्रस्तावित किया गया लेकिन, हर बार योजना ठप हो जाती है। पार्क की पहचान कागजी तौर पर नेहरू पार्क और बोलचाल में लालडिग्गी पार्क के रूप में होती है। कभी इसका नाम इस्माइल पार्क भी था। तीन-तीन नाम की पहचान रखने वाला यह पार्क ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ने की वजह से ही शहर की विरासत भी है। अब इसे संजोने और इसके महत्व को बढ़ाने का फैसला नगर निगम ने किया है।
ये सुविधाएं होंगी
0 आधुनिक प्रवेश प्रांगण, मध्य भ्रमण पथ, प्रतिमा स्थल, जलाशय, रंगमंच, घाट, संगीतमय फव्वारा, गीता वाटिका, बाल वाटिका, चंद्रकार भ्रमण पथ, कक्षीय भ्रमण पथ, आमोद-प्रमोद उपवन, मंडप, जलपान प्रांगण, बिस्मिल स्मारक, चंद्रपथ, सुविधौर्य, पार्किंग, जलाशय तट।
सतासी राजाओं से जुड़ा है लालडिग्गी नाम का इतिहास
इतिहास में इसका नाम लालडिग्गी था। लालडिग्गी के नाम का इतिहास सतासी राजाओं से जुड़ा है। दरअसल, सतासी राजाओं के दूसरे नंबर के भाई को लाल बाबू कहा जाता है। जब सतासी राजा बसंत सिंह ने बसंतपुर किला बनवाया तो उनके छोटे भाई लाल बाबू किले के बगल में शासन में सहयोग के लिए बसे। आज के नेहरू पार्क में लाल बाबू की डिग्गी यानी पोखरा आज भी है। इसी कारण इसे लालडिग्गी नाम मिला।
कोट
लालडिग्गी पार्क को दिल्ली के सुंदर नर्सरी और कर्तव्य पथ की तरह विकसित किया जाएगा। यहां दिल्ली के सेंट्रल पार्क, इंद्रप्रस्थ पार्क का भी अक्स दिखेगा।
- गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त