संदिग्ध परिस्थितयों में मौत, मृतक गंगेश दत्त पाण्डेय की फाइल फोटो।
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बड़े भाई की हत्या के केस में मुख्य गवाह बने गंगेश दत्त पांडेय उर्फ गगन की शनिवार दोपहर संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिवार के लोगों का आरोप है कि बातचीत के लिए युवक को बुलाकर जहर देकर मार दिया गया। युवक की भाभी ने कैंट थाने में गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर व उनके बेटे समेत पांच लोगों के विरुद्ध तहरीर दी है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उधर, गंगेश के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल की भी जांच पुलिस कर रही है। जानकारी के मुताबिक, दक्षिणी बेतियाहाता, फलमंडी के पास रहने वाले गंगेश दत्त पांडेय उर्फ गगन ( 35 वर्ष) शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अपने दो पहिया वाहन से जाते समय गणेश चौक के पास लड़खड़ा कर गिर गए।
पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी पुलिस ने परिवार के लोगों को दी गई। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोगों ने बताया कि पूर्व में बड़े भाई की हत्या में गंगेश मुख्य गवाह था। हत्या का केस इस समय न्यायालय में विचाराधीन है।
आरोप लगाया कि इसी रंजिश में उसकी जहर देकर हत्या की गई है। योगेश की पत्नी पुष्पा का आरोप है कि समझौता करने के लिए हत्यारोपी उनके परिवार पर दबाव बना रहे थे। सेवानिवृत्त प्रोफेसर के एक शिष्य ने बातचीत करने के बहाने शनिवार की सुबह उनके देवर गंगेश को बुलाया था।
पुष्पा देवी ने कैंट थाना पुलिस को इस संबंध में तहरीर देकर आरोप लगाया कि गंगेश को जहरीला पदार्थ दिया गया। जिसकी वजह से रास्ते में मौत हो गई।
वर्ष 2017 में हुई थी हत्या
फल मंडी के पास रहने वाले जटाशंकर पांडेय के बडे़ पुत्र योगेश दत्त पांडेय की हत्या 2017 में हुई थी। इस मामले में परिजनों ने सेवानिवृत्त प्रोफेसर, उनके स्कूल का संचालन देख रहे उनके बेटे समेत चार लोगों पर केस दर्ज कराया था। योगेश के छोटे भाई गंगेश दत्त पांडेय इस केस में मुख्य गवाह थे।