पंडित जोखन पांडेय शास्त्री के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा को प्रात: काल स्नान कर विधि पूर्वक शालिग्राम की पूजा करनी चाहिए। संभव हो तो सत्यनारायण व्रत कथा सुनें। इस तिथि में ब्राह्मणों को दान देने, भोजन कराने, जरूरतमंदों को भिक्षा देकर आशीर्वाद प्राप्त करने का विधान है।
आज मनाई जाएगी देव दिवाली
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दिवाली मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन देवतागण दिवाली मनाने पृथ्वी पर आते हैं। मान्यता के अनुसार त्रिपुर के नाश से प्रसन्न होकर देवताओं ने काशी में पंचगंगा घाट पर दीपोत्सव का आयोजन किया था। एक अन्य मान्यता के अनुसार काशी के राजा देवदास ने अपने राज्य में देवताओं को प्रतिबंधित कर दिया था। इस दिन सायंकाल मंदिरों, चौराहों, गलियों, पीपल के वृक्षों और तुलसी के पौधों के पास दीपक जलाएं। गंगा के जल या पवित्र नदियों तट पर दीपदान करें।
कल लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण
पंडित देवेंद्र प्रताप मिश्र के अनुसार, साल का अंतिम चंद्र ग्रहण मंगलवार को लगेगा। यह ग्रहण संपूर्ण भारत में ग्रस्तोदय रुप में दिखाई देगा। यानी भारत की किसी भी शहर में इस दिन जब सायंकाल चंद्रोदय होगा, इससे काफी पहले ही चंद्र ग्रहण प्रारंभ हो चुका होगा। गोरखपुर में चंद्रोदय स्पर्श का समय शाम पांच बजकर छह मिनट और ग्रहण मोक्ष शाम छह बजकर 19 मिनट पर होगा। कुल ग्रहण अवधि एक घंटा 13 मिनट। सूतक ग्रहण के 12 घंटे पहले लग जाएगा।