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जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड: आर्बिट्रेशन के लिए अब तक 400 किसानों के दस्तावेज जमा, राहत की उम्मीद

Fri, 14 Jul 2023 02:33 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी भटहट/गोरखपुर।

सार

किसानों का कहना है कि वह लोग विकास कार्य के विरोध में नहीं है, बल्कि जमीनों का उचित मुआवजा मांग रहे हैं। इसलिए किसान सीएम से मिलना चाहते हैं। ताकि उनकी बातों को गंभीरता से सुनकर उचित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे सकें। इससे सभी किसानों को फायदा मिलेगा।

 
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जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का मामला - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जंगल कौड़िया जगदीशपुर रिंग रोड निर्माण कार्य से प्रभावित किसानों को आर्बिट्रेशन ( न्यायिक मध्यस्थता) से राहत की उम्मीद है। दस्तावेजों के साथ किसान डीएम ऑफिस में पहुंचकर आर्बिट्रेशन दाखिल करा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी 70 किसानों ने भी अपनी जमीनों के कागजात जमा कराए हैं। अब तक करीब चार सौ किसान अपने दस्तावेज जमा करा चुके हैं।
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जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड निर्माण कार्य के लिए 26 गांवों की जमीनें अधिग्रहित की गई हैं। कम मुआवजा मिलने की बात कहकर किसान रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू कराने का विरोध जता रहे हैं। बीते दिनाें तहसीलदार विकास सिंह की अगुवाई में एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के कर्मचारी सर्वे करने इटहिया गांव में पहुंचे। तब किसानों ने विरोध जताते हुए अधिक से अधिक मुआवजा देने की मांग उठाई। इस पर तहसीलदार ने सभी किसानों को आर्बिट्रेशन दाखिल करने को कहा। लोगों ने जुलाई माह के अंत तक का समय मांगा। इसके बाद से किसान डीएम कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज जमा करा रहे हैं।

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बृहस्पतिवार को किसान नेता विकास, गुलाब चंद की अगुवाई में सोनराइच इटहिया, बालापार, बैजनाथपुर नारायनपुर ,कोनी ,सराय गुलरिहा आदि गांवों के अमित यादव, हरेंद्र सिंह , भजुराम निषाद,अभिमन्यु सिंह, अनूप मिश्रा,राजूअंसारी,असलम अली ,संतोष सिंह सहित 70 किसानों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर आर्बिट्रेशन दाखिल किया।
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सीएम से मिलेंगे किसान, डीएम के सामने रखेंगे अपनी बात
किसानों का कहना है कि वह लोग विकास कार्य के विरोध में नहीं है, बल्कि जमीनों का उचित मुआवजा मांग रहे हैं। इसलिए किसान सीएम से मिलना चाहते हैं। ताकि उनकी बातों को गंभीरता से सुनकर उचित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे सकें। इससे सभी किसानों को फायदा मिलेगा।


 
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