बेलघाट क्षेत्र की दो युवतियाें के लापता होने के बाद उनकी हत्या के आरोप का दंश झेल रहे गांव के जयनाथ मौर्य और उनका परिवार अब राहत महसूस कर रहा है। जयनाथ एक साल पहले हुई भूल को याद कर अब पछता रहा है। एक साल पहले जयनाथ दिल्ली गया था तो उसने सीता और गीता के साथ फोटो खिंचवाया था। यही फोटो उसके खिलाफ केस का आधार बन गया।
इसके बाद जयनाथ ने और नादानी कर दी। बताया जा रहा है कि वह इस फोटो को गांव में घूम-घूम कर लोगों को दिखाता था। जब दोनों बहनें लापता हुईं, तब अजय को पता चला कि जयनाथ के पास उसकी बहनों के फोटो हैं। इसी आधार पर उसे वह आरोपी मान बैठा। गांव में अब माहौल यह है कि सीता-गीता के जिंदा वापस आने के बाद हत्या में आरोपी बना जयनाथ और उसका परिवार कुछ भी बोलने से बच रहा है।
पुलिस ने कराया 164 का बयान
बेलघाट पुलिस ने सीता और गीता का सोमवार को ही कोर्ट में 164 का बयान भी कराया है। दोनों ने कोर्ट में बताया कि वे बालिग हैं, और स्वेच्छा से शादी की हैं। दोनों खुशी-खुशी अपने प्रेमी के साथ रह रही हैं। पुलिस ने बताया कि बहनों के बयान के बाद अब विवेचना में बहुत जल्द फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी जाएगी।
उधर, सीता-गीता का परिवार अब यह सोचकर परेशान है कि कहीं गलत एफआईआर कराने के चक्कर में उनके ऊपर भी कोई कार्रवाई न हो जाए।