समय से इलाज नहीं होने पर पीलिया हो सकता है गंभीर, 10 से 15 मरीज रोज पहुंच रहे अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अस्पतालों में पीलिया के मरीज बढ़ गए हैं। इनमें भी ऐसे मरीज अधिक हैं जो पहले झाड़-फूंक के चक्कर में पड़कर बीमारी को गंभीर कर ले रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पीलिया होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए नहीं तो बीमारी जानलेवा हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, शहर के केएमसी डिजिटल हॉस्पिटल में हर रोज 10 से 15 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जो पीलिया होने पर झाड़-फूंक कराए हैं। अब उनका शरीर सूखने के साथ पीला पड़ गया है। डॉक्टर उचित इलाज कर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही बता रहे हैं कि बारिश के दिनों में मौसम का लुत्फ उठाने के साथ-साथ गंदे पानी से बचाव करें, वरना पीलिया की चपेट में आ जाएंगे।
केएमसी डिजिटल अस्पताल और जिला अस्पताल में इन दिनों पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के पास रोजाना पीलिया के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। दरअसल, बारिश में तला-भुना और चटपटा खाने का मन करता है। इसके बाद प्यास खूब लगती है, तो लोग ठेलों और रेस्टोरेंटों में मनमर्जी खाने के बाद यहां-वहां रखा पानी पी लेते हैं। ऐसे में इस मौसम में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
ओपीडी में बड़ों में भी पीलिया के केस आ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत दूषित पानी पीने और लिवर में दिक्कत होने से हो रही है, लेकिन लोग डॉक्टर से इलाज कराने के बजाय पीलिया झड़वाने में विश्वास कर रहे हैं। ऐसे में कई मरीजों की हालत गंभीर हो जा रही है।
केएमसी डिजिटल अस्पताल के डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि हर रोज चार-पांच बच्चों के केस आ रहे हैं। बच्चों को बुखार, पेट दर्द और उल्टी की समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर मरीज को बुखार आता रहे, उल्टी हो, भूख न लगे, त्वचा का रंग और आंखें पीली दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। पीलिया झड़वाने में समय बर्बाद न करें, समय से इलाज न होने पर पीलिया गंभीर हो सकता है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा का कहना है कि पीलिया के हर रोज चार-पांच मरीज आ रहे हैं। बारिश के समय बासी भोजन, शराब का सेवन, बाहर का खाना, जंक फूड आदि से काफी नुकसान होता है। समय पर सही इलाज न होने से पीलिया और इसकी वजह से होने वाली समस्याएं गंभीर हो सकती हैं। अक्सर कई मरीज पीलिया झड़वाने के बाद इलाज कराने आते हैं, ऐसे में कुछ दिनों में ठीक होने वाला मर्ज बढ़ जाता है। इससे मरीज को नुकसान होता है। अक्सर लोग गले में जड़ी की माला पहनकर आते हैं। उन्हें बताया जाता है कि बीमारी इलाज से ठीक होती है। मरीजों को झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी जाती है।
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डायरिया के रोज आ रहे 60-70 मरीज
केमएसी डिजिटल अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों डायरिया के काफी मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर बता रहे हैं कि रोजाना 60-70 मरीजों का इलाज हो रहा है। कई मरीजों को भर्ती भी करना पड़ता है। डॉ. विजय शर्मा ने बताया कि मरीजों में सभी उम्र के लोग हैं। डायरिया होने पर खान-पान और पानी का विशेष ध्यान रखें। शरीर में पानी की कमी बिल्कुल न होने दें। ओआरएस या नमक चीनी का घोल लें। जिन घरों में फिल्टर नहीं है, वह लोग पानी को उबालकर ठंडा कर लें, फिर इसे छानकर पिएं। दिक्कत ज्यादा होने का इंतजार न करें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं झोलाछाप के चक्कर में न पड़ें।
पीलिया से लिवर हो रहा खराब
पीलिया की वजह से मरीज में कमजोरी आने लगती है। शरीर में कई तरह के बदलाव दिखने लगते हैं। पीलिया होने पर लिवर पर प्रभाव पड़ता है। अगर लिवर कमजोर है तो पीलिया होने की आशंका बढ़ जाती है। सही समय पर इसका पता न चलने से गंभीर दिक्कत हो सकती है।
पीलिया होने पर डेयरी उत्पादों से परहेज करें
डॉक्टरों के अनुसार, पीलिया होने पर दूध, पनीर, मक्खन, दही आदि डेयरी उत्पादों से परहेज करना चाहिए। अंडा, मीट, चिकन और चिकनाई वाला खाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। जिन चीजों में प्रोटीन की मात्रा अधिक हो, उनसे दूरी बनाए रखें। खुले में रखी चीजें, बासी भोजन और कटे-फटे फल बिल्कुल न खाएं।
पीलिया के दिखने वाले लक्षण
-त्वचा का और आंख का रंग पीला दिखना
-ठंड लगना, बुखार, त्वचा में खुजली पेशाब का रंग गहरा पीला होना।
-भूख न लगना, उल्टी या जी मिचलाना।
-सिरदर्द, या सिर के दाहिने भाग में दर्द रहना।
-अचानक वजन कम होना या लगातार वजन में कमी महसूस होना।