जयराम के भतीजे प्रदुम्न ने बताया कि परिवार पर इतनी बड़ी विपत्ति पड़ी है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। एक शिकायत है कि घटना के बाद अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनकी सुधि लेने नहीं आया, रिश्तेदारों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। जयराम के अच्छे स्वभाव एवं मिलनसार होने के कारण उनकी मौत से सभी लोग काफी व्यथित नजर आ रहे हैं।
कुवैत में बुधवार को मॉल में आग लगने से झुलसकर जयराम गुप्ता ने दम तोड़ दिया था। उन्होंने घटना से एक दिन पहले मंगलवार रात में पत्नी सुनीता से करीब डेढ़ घंटे बात की और लंबे समय तक परिवार से दूर नहीं रहने का वादा किया था। लेकिन अपने वादे के विपरीत वह परिवार से बहुत दूर जा चुके हैं।
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जयराम गुप्ता ग्राम पंचायत भंभौर के स्थायी निवासी थे, पिछले एक वर्ष से उनका परिवार गुलरिहा थाना क्षेत्र के मलंग स्थान चौराहे पर मकान बनाकर रहता है और वहीं पर उनकी पत्नी रेडीमेड गारमेंट का दुकान चलाती हैं।
जयराम पिछले 10 वर्षों से कुवैत में नौकरी करते थे। वह कुवैत के एनबीटीसी कंपनी के मॉल में कैशियर के पद पर कार्य करते थे। पत्नी सुनीता ने बताया कि मंगलवार रात बात करते हुए उन्होंने वादा किया था कि इस बार घर आने पर वह मेडिकल स्टोर का लाइसेंस लेकर अपना व्यवसाय शुरू करेंगे, बच्चों को पढ़ाकर डाक्टर बनाएंगे। कुछ ही घंटे बाद हुई दुर्घटना ने उन्हें परिवार से ही जुदा कर दिया।
कुवैत में मरे गुलहरिया के मृतक जयराम गुप्ता की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पत्नी चलाती हैं रेडीमेड कपड़े की दुकान
जयराम सितंबर 2023 में घर आए थे। उसी दौरान उनकी पत्नी सुनीता ने रेडीमेड कपड़े की दुकान खोली और 6 दिसंबर 2023 को वापस चले गए थे। बेटा अर्नव कक्षा 8 में एवं बेटी श्रेया कक्षा एक में पढ़ती है। मां को रोता देख बच्चे भी बदहवास से हो गए हैं ।
अधिकारी नहीं पहुंचने की शिकायत
जयराम के भतीजे प्रदुम्न ने बताया कि परिवार पर इतनी बड़ी विपत्ति पड़ी है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। एक शिकायत है कि घटना के बाद अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनकी सुधि लेने नहीं आया, रिश्तेदारों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। जयराम के अच्छे स्वभाव एवं मिलनसार होने के कारण उनकी मौत से सभी लोग काफी व्यथित नजर आ रहे हैं।