मंडल के 27 और शहर के 12 ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमें तीसरे दिन शनिवार को भी जांच पड़ताल करती रहीं। तीन दिन से एक ही घर में बंद आलोक अग्रवाल और द्वारिका गोयल से सवाल जवाब की लंबी सूची तैयार कर ली गई है। वहीं गोयल एडिबल्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े रियल इस्टेट व होटल कारोबारियों के भी दस्तावेजों की जांच टीमें करती रहीं।
सूत्रों की मुताबिक, आयकर टीम को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिन पर पूछे गए सवालों का जवाब दोनों कारोबारी नहीं दे पाए। इसके साथ यह भी पता चला है कि रियल इस्टेट के कारोबार में दूसरे शहर के कुछ बड़े लोगों ने भी इनके फर्म के जरिए पूंजी लगाई है। ऐसे लोगों की सूची भी आयकर टीम तैयार कर रही है। बहुत जल्द ही इन लोगों से भी टीम पूछताछ कर सकती है।
शनिवार को कारोबारियों के घरों पर वाराणसी से आई वैल्यूवर टीमें जांच में मिले सामानों का हिसाब खिताब करना शुरू कर दी है। कारोबारियों के घरों और ऑफिस से टीम ने कम्प्यूटर और लैपटाप से 70 हार्ड डिस्क निकालकर कब्जे में ले लिया है। साथ ही कारोबारियों के कई महंगे मोबाइल भी टीम के कब्जे में ही हैं।
हरिओमनगर में अभिषेक अग्रवाल व आनंद मिश्रा के घर और गोलघर में रक्ष ढींगरा के रायल रेजिडेंसी होटल, रामगढ़ताल के फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के संचालक आलोक अग्रवाल के ऑफिस में आयकर विभाग की टीमें कर्मचारियों से पूछताछ करती रही।
दरसअल, आयकर विभाग की टीम 50 करोड़ से अधिक कर चोरी की जांच पड़ताल करने के लिए गोरखपुर, कुशीनगर, संतकबीर नगर में छापा मार रही है। व्यापारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही है। व्यापारियों की माने ताे पहली बार इस तरह इतने लंबे समय तक कार्रवाई चली है।
इसके बाद अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। आयकर विभाग के छापा मारने की कार्रवाई से दूसरे शहरों में तैनात कई अफसरों की सांसें अटक गई हैं। सूत्र बताते हैं कि रियल स्टेट के कारोबार में कई विभाग के अफसरों ने भी रुपये लगाए हैं।
लेखा जोखा की जांच में इसके पुख्ता साक्ष्य भी मिले हैं। बहुत जल्द उनसे आयकर विभाग पूछताछ कर सकता है। इसको लेकर वे डरे सहमे हुए हैं। अभी तक की कार्रवाई में छह सौ करोड़ की कर चोरी पकड़े जाने की आशंका है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की कार्रवाई की जद में आए कारोबारी कई शहरों में रियल एस्टेट का कारोबार तेजी से फैला रहे हैं। कारोबारियों के संपर्क में आए कई अफसर भी अपना जमा धन रियल एस्टेट के कारोबार में लगाए हैं। कारोबारी हर शहर की कीमती जमीन को निशाना बनाते हैं। वहां पर 55 और 45 का खेल खेलते हैं।
यानी कीमती जमीन पर बिल्डिंग बनाकर उसका 55 फीसदी हिस्सा भूमि स्वामी को और बाकी का 45 फीसदी हिस्सा अपने नाम पर कराने का करार करते हैं। इसके बाद किराए पर देकर हर माह लाखों रुपये का मुनाफा कमाते हैं। सूत्र बताते हैं कि किराए की 40 फीसदी रकम बैंक खाते में मंगाते हैं, जबकि बाकी रुपये कैश लेते हैं। केवल गोरखपुर जिले से हर माह 50 लाख रुपया किराया उठाया जा रहा है।
टीम को मिले अन्य शहरों के प्रॉपर्टी के पेपर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सिविल लाइंस में आलोक अग्रवाल और द्वारिका गोयल के घर से जांच में आयकर विभाग को देश के अन्य शहरों की प्रॉपर्टी के पेपर मिले हैं। जांच शनिवार को दिनभर चलती रही। ऐसा माना जा रहा है कि रियल इस्टेट के कारोबारियों ने शहर ही नहीं बल्कि कई शहरों में प्रॉपर्टी खरीदकर किराए पर दिया है।
साथ ही टीम दिन भर 70 हार्ड डिस्क से डाटा रिकवर कराती रही। इसके लिए कुछ विशेषज्ञ को भी बुलाया गया था। वहीं घर के अंदर खड़ी गाड़ियों की जांच पड़ताल की गई है।
अन्य जिलों से वापस बुलाई गई टीमें
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंडल में गोयल एडिबल्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े रियल इस्टेट के कारोबारियों के 27 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। तीसरे दिन अन्य जिलों से टीमों को शहर में वापस बुलाया गया। सिविल लाइंस में देर रात जांच की कार्रवाई जारी रही। माना जा रहा है कि रविवार शाम तक कार्रवाई खत्म कर टीम वापस जा सकती है।