अब तक सिर्फ 935 मिमी वर्षा, सितंबर में औसत से काफी कम 85 मिमी हुई बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अक्तूबर में भी गर्मी और उमस से लोगों का जीना मुहाल है। जानकार इसे कम बारिश से जोड़कर देख रहे हैं। मानसून की बेरुखी के चलते पिछले सात वर्षाें में इस साल सबसे कम बारिश हुई है। सितंबर तक जिले में महज 935 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जो औसत से करीब 1150 मिलीमीटर से कम तो है ही, वर्ष 2016 के बाद अबतक भी सबसे कम है।
हालांकि पिछले दो वर्ष के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो अक्तूबर में भी 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है। वास्तविक रूप से वर्षा ऋतु जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर को मानी जाती है। अक्तूबर से मौसम ठंड की ओर अग्रसर हो जाता है। मौसम विभाग ने इन चार महीनों में गोरखपुर में औसतन 1150 मिलीमीटर बारिश होना दर्ज किया है। वर्ष 2017 से 2022 तक बारिश कम से कम औसतन बारिश के आंकड़े के आसपास रहा है। वर्ष 2021 में सर्वाधिक 1658 मिमी और 2020 में 1455 व 2019 में 1342 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वर्ष 2022 में भी औसत बारिश के आंकड़े से कम 1105 मिमी बारिश हुई थी, लेकिन इस वर्ष पिछले साल से भी कम बारिश हुई है। इस वर्ष जून में 51, जुलाई में 312.2, अगस्त में 484.9 व सितंबर में 85 मिमी बारिश हुई है, जो अबतक औसत बारिश के आंकड़े से अभी काफी कम है। मौसम वैज्ञानिक शफीक सिद्दकी ने बताया कि मानसून का ट्रैफ कमजोर पड़ने से इस वर्ष अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है।
पांच अक्तूबर तक बादल छाए रहने का अनुमान
मौसम वैज्ञानिक शफीक सिद्दकी ने बताया के नार्थ-ईस्ट बंगाल में हवा का कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते शनिवार शाम से अचानक मौसम में बदलाव आया। बिहार में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पांच अक्तूबर तक बिहार में बारिश होने की संभावना है। इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। गोरखपुर और आसपास जिलों में पांच अक्तूबर तक बादल छाने और एक या दो स्थान पर बारिश की संभावना है। रविवार को सुबह से ही तीखी धूप लोगों को गर्मी का एहसास कराती रही। हालांकि दिन में सूरज और बादल में आंख मिचौली का खेल चलता रहा। दिन का अधिकतम तापमान 35.2 व न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वर्ष.......बारिश (मिमी)
2017....1103
2018....1083
2019....1342
2020....1455
2021....1658
2022....1105
2023.....935 (सितंबर तक)