कुशीनगर, सलेमपुर, बांसगांव व संतकबीरनगर सांसद के नाम से बुक थी सीटें
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ/ गोरखपुर। राप्तीगंगा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में कुशीनगर, संतकबीरनगर और सलेमपुर सांसद की खाली सीट पर बिना टिकट यात्रा के मामले में निलंबित टीटीई के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। सोमवार को दिन भर एनआईआर मुख्यालय में इस जांच की ही चर्चा होती रही। रेल कर्मियों का कहना था कि सांसदों की सीट पर बिना टिकट यात्रियों को बैठाना बड़ा अचंभित कर रहा है।
राप्तीगंगा गोरखपुर से रात सवा नौ बजे चलकर रात पौने तीन बजे लखनऊ पहुंचती है। शुक्रवार रात ट्रेन में सलेमपुर के सांसद रवींद्र कुशवाहा, संतकबीरनगर के प्रवीण निषाद, कुशीनगर के विजय कुमार दुबे और बासगांव के कमलेश पासवान ने फर्स्ट एसी कोच ए-1 में 12 सीटें बुक कराई थीं। ट्रेन में सिर्फ सांसद कमलेश पासवान ही यात्रा कर रहे थे। अन्य सांसदों की सीट पर बिना टिकट यात्री सवार थे।
टीटीई प्रशांत श्रीवास्तव की ड्यूटी लखनऊ तक थी। रिक्त सीटों के बारे में बताया गया कि सांसद लखनऊ से इसमें यात्रा शुरू करेंगे, लेकिन उन सीटों पर बिना टिकट यात्री ही सवार थे। जब वरिष्ठ अफसरों को इसकी सूचना मिली तो जांच की गई। मामला पकड़े जाने पर रामपुर में बेटिकट यात्रियों किराया व 10320 रुपये जुर्माना वसूला गया। इस मामले में टीटीई प्रशांत श्रीवास्तव पर कंट्रोल को सूचना नहीं देने और पूरे मामले से खुद को अंजान बनाए रखने का आरोप है।
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