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Gorakhpur News: फल और सब्जियों को रंगने और रसायन से पकाने की शुरू हुई जांच

Fri, 14 Jun 2024 04:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। फल और सब्जियों को सिंथेटिक रंग से रंगकर ताजा दिखाने और रसायन मिलाकर अच्छी तरह पकाने के मामले में जांच शुरू हो गई है। यह मिलावट सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक है इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को छापा मारा। टीम ने शहर के महेवा मंडी व विभिन्न चौराहों से फल और सब्जियों के 17 नमूने लिये।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सुबह 7 बजे ही मंडी में छापा मारा तो कुछ दुकानदारों में हड़कंप मच गया। परवल, करैला, हरी मिर्च, कद्दू, टमाटर, तोरई, पपीता, लीची, आम, केला, सेब, लौकी, भिंडी, तरबूजा, बैगन का नमूना लिया गया। मंडी की थोक दुकानों के अलावा फुटकर दुकानों और ठेले खोमचे से भी नमूने लिए गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि फल और सब्जियों में रंग रसायन की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जबकि अन्य खाद्य पदार्थों में भी मिलावट की जांच की जा रही है।
टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंकुर मिश्रा, सतीश कुमार सिंह, विजय नंद सिंह, आशुतोष कुमार, नरेंद्र कुमार, कमल नरायण ने नमूने लिया। सभी नमूनों को खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट में मिलावट के बारे में जानकारी मिलेगी।
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लीची में रंग और आम में रसायन
व्यापारियों के अनुसार इस बार गर्मी में बारिश नहीं होने के कारण लीची पर प्राकृतिक लाल रंग नहीं आया है। आम को कार्बाइट से पकाया जा रहा है और लीची का रंग चटख दिखाने के लिए भी रंग व रसायन का प्रयोग किया जा रहा है। हरी सब्जियों को ताजी दिखाने के लिए रंगा जा रहा है। पपीता और केला को रसायन से पकाने एवं सेब पर रैपिंग की जांच की जा रही है, जबकि लौकी और बैगन को ताजा दिखाने के लिए भी रसायन का इस्तेमाल किया जाना चर्चा में है।
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