पूर्व सीएम वीर बहादुर सिंह के बेटे व कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह द्वारा जान का खतरा बताने के मामले में अब खुफिया जांच भी शुरू करा दी गई है। सूत्रों की मानें तो विधायक के आरोपों के बाद 10 से ज्यादा बदमाशों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। कुछ लोगों के बयान भी एसओजी ने दर्ज किए हैं, लेकिन पुलिस को अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिले हैं।
विधायक और जिला पंचायत सदस्य दोनों निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है पुलिस जल्द ही इस मामले में जांच पूरी कर लेगी। विधायक फतेह बहादुर सिंह और जिला पंचायत सदस्य सरोज देवी दोनों रविवार को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं पहुंचे।
जिला पंचायत सदस्य के बेटे राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के चलते मंदिर में भीड़ ज्यादा थी, इसलिए अब सोमवार की सुबह जाने की तैयारी है। राजीव रंजन ने बताया कि एलआईयू से फोन आया था। एलआईयू ने उनसेे कुछ जानकारी ली।
अब लखनऊ में सीएम से मिलेंगे विधायक सरवन
सुरक्षा व्यवस्था में कमी का मुद्दा उठाकर खुद की जान को खतरा बताने वाले चौरीचौरा के भाजपा विधायक सरवन निषाद भी रविवार को मुख्यमंत्री से नहीं मिले। अब वह पिता, प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ संजय निषाद के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा बताएंगे।
इस मामले में एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि जब विधायक को धमकी मिली थी तो दो अतिरिक्त गनर दिए गए थे। उनके साथ कुल चार गनर थे। सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। इसके आधार पर सुरक्षा व्यवस्था दी जाती है। जनप्रतिनिधि को सुरक्षा में दो गनर दिया जाता है, वह विधायक को दिया गया है।