अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। शासन प्रशासन की औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार बेहतर बनाने की कोशिश फिलहाल परवान नहीं चढ़ पा रही है। गीडा औद्योगिक क्षेत्र की करीब 450 औद्योगिक इकाइयों में से मात्र 125 में ही उत्पादन शुरू हो सका है। इसके अलावा गोरखनाथ इंडस्ट्रियल एरिया और गोरखनाथ इंडस्ट्रियल स्टेट की करीब 100 इकाइयों में से 20 से 25 में ही उत्पादन शुरू हो सका है। इनमें से अधिकांश इकाइयां आवश्यक सेवाओं वाली हैं। गीडा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी और वेल्ड इंडिया कंपनी के निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि लॉक डाउन के नियमानुसार किसी भी औद्योगिक इकाई में मात्र 50% कर्मचारियों के साथ ही काम करना है। लिहाजा कंपनी में कर्मचारियों की संख्या भी आधी रह गई है इस वजह से उत्पादन भी कम ही हो रहा है इसके अलावा सबसे बड़ी दिक्कत तैयार किए हुए माल को लेकर भी है। तैयार माल के लिए बाजार उपलब्ध नहीं है। इस वजह से उत्पादन भी सीमित ही किया जा रहा है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष इसकी अग्रवाल ने कहा कि आज की परिस्थितियों में अब लोगों को कोरोना वायरस की वजह से उपजे हालातों के साथ सामंजस्य बिठाना ही पड़ेगा। ऐसे में शासन प्रशासन को सभी तरह की दुकानों को खोलने के लिए विचार करना चाहिए ताकि उद्योगों में तैयार किए गए माल की बिक्री भी हो सके। कई तरह के बाजार बंद होने की वजह से गोरखपुर की बहुत सारी फैक्ट्रियां शुरू नहीं हो पा रही है।