गोरखपुर। ईद-उल-अजहा (बकरीद) 17 जून को अदब और अहतराम के साथ मनाई जाएगी। अल्लाह के नाम पर कुर्बानी देने के लिए लोगों ने तैयारी भी शुरू कर दी है। कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जोर शोर से हो रही है। जामा मस्जिद उर्दू बाजार, इलाहीबाग, खूनीपुर आदि क्षेत्रों में बकरों के व्यापारी पहुंचने लगे हैं और खरीदो-फरोख्त का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बार बाजार में करीब दस हजार रुपये से लेकर तीस हजार रुपये तक में बकरे बिक रहे हैं। महंगाई का असर कुर्बानी के जानवरों पर साफ नजर आ रहा है। व्यापारियों की मानें तो अगर मऊ, बलिया आदि के व्यापारियों ने इस तरफ रुख नहीं किया तो यहां भाव में और थोड़ी तेजी आ सकती है।
बाजार में देसी, तोतापरी, बरबरी, सिरोही, जमुनापरी, राजस्थानी आदि नस्ल के बकरे बिकने के लिए आ रहे हैं। बकरा व्यापारी मुन्ना ने बताया कि बहराइच, बाराबंकी, इटावा, कानपुर, फतेहपुर, सीतापुर, मऊ, खलीलाबाद, नौगढ़, देवरिया, आजमगढ़, बलिया, भभुआ आदि जिलों से बकरे बिकने के लिए गोरखपुर के बाजार में लाए जाते हैं। खासतौर पर मऊ, आजमगढ़, बलिया और आसपास के क्षेत्रों से बकरा व्यापारी गोरखपुर और वाराणसी दोनों ही बाजार में पहुंचते हैं। लेकिन बाजार देखकर ही वह अपना रुख तय करते हैं। अगर उन्हें वाराणसी की तरफ अच्छा रेट मिलता है तो वह वहीं के बाजार में पहुंच जाते हैं। ऐसे में गोरखपुर के बाजारों में बकरों की कमी हो जाती है और इससे यहां पर बकरों के दाम बढ़ जाते हैं।
अली गजनफर शाह, सैयद नदीम अहमद, शादाब अहमद सिद्दीकी ने बताया कि ईद-उल-अजहा के लिए शहर में बकरों का बाजार सजा हुआ है। कुर्बानी रोजगार का बहुत बड़ा जरिया भी है। गली मोहल्ले के घरों से बकरों की आवाज आने लगी है। कुछ लोग अब भी बाजार के बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कि उन्हें सस्ते दाम में बकरे मिल जाएं।
कुर्बानी पर साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाए : मौलाना जहांगीर
सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह के इमाम मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने कहा कि ईद-उल-अजहा के मौके पर मुसलमान बड़ी संख्या में कुर्बानी अदा करते हैं। दीन-ए-इस्लाम में कुर्बानी देना वाजिब है। कुर्बानी इबादत है। जिन पर कुर्बानी वाजिब है वह कुर्बानी जरूर कराएं। कुर्बानीगाह के चारों तरफ पर्दा लगाकर कुर्बानी करें। साफ-सफाई का ख्याल रखें। अपशिष्ट इधर-उधर न फेंकें बल्कि गड्ढे में दफन कर दें। प्रशासन का सहयोग करें। कुर्बानी के मौके पर फोटो व वीडियो न बनाएं। सोशल मीडिया पर कुर्बानी से संबंधित किसी भी तरह का मजाकिया मैसेज व जोक्स पोस्ट करने से सख्ती के साथ बचें।
ईद-उल-अजहा पर्व में गरीबों का खास ख्याल रखें : हाफिज रहमत
सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि अल्लाह ने कुरआन-ए-पाक में कुर्बानी करने का हुक्म दिया है। कुर्बानी का अर्थ होता है कि जान व माल को अल्लाह की राह में खर्च करना। इससे अमीर, गरीब इन दिनों में सब बराबर हो जाते हैं। कुर्बानी से भाईचारगी बढ़ती है। पर्व के मौके पर गरीब मुसलमानों का खास ख्याल रखा जाए।
नगर निगम को सौंपा ज्ञापन
इमामबाड़ा मुतवल्लिआन कमेटी के पदाधिकारियों ने मंगलवार को नगर निगम के अपर नगर आयुक्त से मुलाकात की। सैयद इरशाद अहमद की अगुवाई में उन्होंने 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि शहर की सभी मस्जिदों, ईदगाहों और कुर्बानी स्थलों का अधिकारी निरीक्षण कर लें, जिससे कि समय रहते सारी व्यवस्था मुकम्मल की जा सके। उन्होंने साफ-सफाई के साथ चूना छिड़काव, पानी की व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन आदि को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बिजली अधिकारियों से तीन दिनों तक 24 घंटे बिजली सप्लाई की मांग की है। इस मौके पर हाजी सोहराब खान, आदिल अख्तर, सैयद वसीम इकबाल, शकील शाही, हामिद अंसारी के साथ बड़ी तादाद में सदस्य मौजूद रहे।