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गोरखपुर एयरपोर्ट: लैंडिंग के दौरान इंडिगो विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया, सभी 178 यात्री सुरक्षित

Sun, 23 Aug 2026 02:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

हादसे के समय विमान में सवार सभी 178 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच की गई, जिसमें एपीयू इनलेट के पास खरोंच के निशान पाए गए।
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एयरपोर्ट पर 19 अगस्त को लैंडिंग के दौरान इंडिगो की दिल्ली-गोरखपुर उड़ान 6ई-2381 के विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया। घटना के बाद विमान को तत्काल गो-अराउंड कराया गया। यानी पायलट ने लैंडिंग रोककर विमान को दोबारा हवा में चक्कर लगाने के लिए भेजा। इसके बाद विमान ने सुरक्षित रूप से एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। घटना के बाद से विमान को अस्थायी तौर पर सेवा से हट दिया गया है।

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हादसे के समय विमान में सवार सभी 178 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे। लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच की गई, जिसमें एपीयू इनलेट के पास खरोंच के निशान पाए गए। घटना की जानकारी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को दी गई। इसके बाद डीजीसीए की जांच टीम ने गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचकर विमान का निरीक्षण किया।

सुरक्षा के मद्देनजर विमान की मरम्मत कराई जा रही है। सभी तकनीकी जांच और मरम्मत पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान की अनुमति मिलेगी। इस घटना का असर दूसरी उड़ान पर भी पड़ा। गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की 6ई-5013 उड़ान करीब पांच घंटे की देरी से रवाना हुई।
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निदेशक विमानपत्तन संजय कुमार ने बताया कि विलंब के दौरान यात्रियों को स्नैक्स एवं भोजन उपलब्ध कराया गया। साथ ही उनकी सुविधा के अनुसार वैकल्पिक यात्रा विकल्प एवं नियमानुसार पूर्ण रिफंड की सुविधा भी प्रदान की गई थी।

20 मिनट बाद दोबारा लैंडिंग
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, गो-अराउंड के बाद विमान करीब 15 से 20 मिनट तक हवा में उड़ता रहा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से दोबारा क्लीयरेंस मिलने के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। गो-अराउंड की वजह से कुछ यात्री घबरा गए थे। हालांकि, क्रू सदस्यों ने उनसे शांत रहने की अपील की।

ये होता है गो-अराउंड
गो-अराउंड वह प्रक्रिया है जिसमें विमान लैंडिंग के लिए नीचे आने के बाद पायलट लैंडिंग रोककर विमान को दोबारा ऊपर ले जाता है। ऐसा तब किया जाता है जब रनवे पर कोई बाधा हो, मौसम खराब हो, दृश्यता कम हो, विमान सही ऊंचाई या दिशा में न हो या लैंडिंग सुरक्षित न लगे। कभी-कभी एयर ट्रैफिक कंट्रोल भी गो-अराउंड का निर्देश देता है। यह विमान में खराबी का संकेत जरूरी नहीं है बल्कि यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाने वाली सामान्य प्रक्रिया है।

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