- कंट्रोल रूम का डीआईजी ने निरीक्षण कर दिया आदेश
- 24 घंटे की क्षमता को बढ़ाकर एक महीने करें
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नगर निगम परिसर में स्थित आईटीएमएस के कंट्रोल रूम का बुधवार को डीआईजी आनंद कुलकर्णी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कामकाज को जाना और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मेमोरी की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि 24 घंटे की क्षमता को बढ़ाकर एक महीने करें ताकि इसका फायदा मिल सके। इसके लिए शासन से अनुमति लेकर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, शहर के 14 चौराहों पर कैमरे लगाए गए हैं। शहर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण सात स्थानों पर कैमरे निकाल कर रखे गए हैं जबकि सात चौराहों पर कैमरे चल रहे हैं। शहर के 21 चौराहे सिग्नल से संचालित किए जा रहे हैं। सात स्थानों पर निर्माण कार्य शुरु होने से 14 चौराहों पर सिग्नल से चौराहे पर यातायात व्यवस्था संचालित किया जा रहा है।
डीआईजी ने कहा कि चौराहों पर लगाए गए कैमरों की मेमोरी क्षमता बढ़ाई जाए। जिससे अधिक दिनों तक रिकॉर्डिंग को स्टोर किए जाए और समय आने पर प्राप्त सूचनाओं का निस्तारण किया जा सके। इस दौरान एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद भी मौजूद रहे।
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ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीज को इमरजेंसी में भेजा
चौरीचौरा से इमरजेंसी मरीज निजी वाहन से गोरखपुर अस्पताल में आ रहा था, जिसे ट्रैफिक कंट्रोल रूम से ग्रीन कॉरिडोर की मदद से 11 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। आईटीएमएस कर्मचारी ने बताया कि नगर निगम में रखे गए उच्च क्वालिटी के कैमरे अगर चौराहे पर लग जाएं तो 300 मीटर की दूरी तक के वाहनों को जूम कर आसानी से देखकर पढ़ा जा सकता। सर्विलांस कैमरे खासतौर पर पुलिस की मदद के लिए लगाया गए हैं। जिसके तहत ये कैमरा बेहद नजदीक से इंसान के चेहरे को फोकस करता है।