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Gorakhpur News: आयकरः लंबी उधारी पर किया काम धंधा तो ज्यादा टैक्स भुगतेंगे व्यापारी

Thu, 08 Feb 2024 03:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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डर से व्यापारी कर रहे उधारी से तौबा, 31 मार्च को पहली बार लागू होगा नया नियम
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संवाद न्यूज एजेंसी



गोरखपुर। लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों से माल खरीदकर 45 दिन के अंदर भुगतान नहीं दे पाने वाले कारोबारियों पर आयकर का अतिरिक्त भार पड़ने वाला है। दरअसल, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को होने वाली आयकर की गणना में व्यापारी पर बकाया को उसकी आमदनी मानकर टैक्स लगाया जाएगा। इस नए नियम के कारण व्यापारी नकद कारोबार करने पर जोर दे रहे हैं। इसका असर कारोबार पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।



आयकर अधिनियम 1961 की धारा 23 बी में संशोधन के बाद अप्रैल 2023 में नया नियम अस्तित्व में आया था। इसके अनुसार अब 31 मार्च से 45 दिन पहले यानी 16 फरवरी से पहले खरीदे गए माल के लिए जितनी रकम बकाया होगी, उसे व्यापारी की आय में जोड़ा जाएगा और उस रकम पर आयकर लगा दिया जाएगा।
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कारोबार के आधार पर निर्धारित स्लैब के अनुसार, आयकर गणना होती है, जिसमें गोरखपुर के अधिकतर व्यापारियों पर अधिकतम स्लैब 31.2 प्रतिशत आयकर अतिरिक्त लगने की आशंका है। यदि व्यापारी ने बिना अनुबंध के सौदा किया है तो 15 दिन के अंदर भुगतान नहीं करने पर भी बकाया को आय मानते हुए टैक्स की गणना होगी। आयकर में यह नियम पहली बार लगाया जा रहा है।



व्यापारियों का कहना है कि उद्यमी और व्यापारी के बीच उधार सामान्य बात है। नए नियम के अनुसार, व्यापारी ने 60 या 90 दिन में भुगतान का अनुबंध किया हो तो भी 45 दिन के अंदर भुगतान करने की शर्त लागू होगी। थोक व्यापारियों की चिंता है कि फुटकर व्यापारियों से भुगतान नहीं मिलने पर उनके ऊपर आयकर का बड़ा बोझ पड़ सकता है। इस कारण वे कारोबार करते हुए भुगतान को लेकर डरे हुए हैं।



बोले विशेषज्ञ



पांच करोड़ रुपये तक के सूक्ष्म और 50 करोड़ रुपये तक की लघु इकाई पर आयकर का नया नियम लागू हुआ है। यदि किसी व्यापारी ने उद्यमी से 20 लाख रुपये का माल खरीदा है और 15 लाख रुपये ही निर्धारित समय में जमा किया है तो शेष पांच लाख रुपये उसकी आय में जोड़ी जाएगी। 31 मार्च से गणना के अनुसार अनुबंध है तो 45 दिन और अनुबंध नहीं है तो 15 दिन के अंदर भुगतान नहीं होने पर नए नियम के अनुसार बकाया को आय में जोड़ा जाएगा।



दिलीप खेतान, चार्टर्ड एकाउंटेंट







घाटे में टूट जाएंगे व्यापारी



आयकर के नए नियम से व्यापारियों को बड़ा नुकसान होने वाला है। गोरखपुर में सिर्फ कपड़े का कारोबार ही लगभग 2000 करोड़ रुपये का है। इस सेक्टर में 70 प्रतिशत उधार का कारोबार होता है। आयकर से बचने के लिए व्यापारियों ने नगद कारोबार करने की कोशिश शुरू की है तो नुकसान होने लगा है। इस मुद्दे पर सूरत और अन्य शहरों के कारोबारी भी व्यापारियों से एकजुट होने की अपील कर रहे हैं।
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-राजेश नेभानी, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ टेक्सटाइल्स



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अनुबंध का बिल भी अमान्य



कपड़े के कारोबार में 100 दिन बाद भी भुगतान होता है। आयकर अधिनियम में अनुबंध पर 45 दिन के अंदर भुगतान का नियम लागू किया गया है। कपड़े में अधिक से अधिक कारोबार बिना अनुबंध के होता है। ऐसी स्थिति में 15 दिन के अंदर भुगतान करना होता है, जबकि दूसरे शहरों से कपड़े मंगाने में ही 10-12 दिन बीत जाता है। आयकर की नए नियम से आई परेशानी के मामले में जिले के व्यापारी बैठक करने वाले हैं।



-संजय अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी
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