व्यवसाय को बढ़ाएगी बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे ने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए मुख्यालय और मंडल स्तर पर बिजनेस डेवलेपमेंट यूनिट (व्यवसाय विकास इकाई) का गठन किया है। यह यूनिट व्यापार समूहों एवं व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवसाय को बढ़ाएगी। साथ ही माल परिवहन के क्षेत्र में दी जा रही सुविधाओं से अवगत कराते हुए सहयोग भी प्रदान करेगी। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यालय गोरखपुर की यूनिट में मुख्य मालभाड़ा प्रबंधक विजय कुमार, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (एफएम) राधेश्याम, मुख्य रोलिंग स्टाक इंजीनियर आरके जाटव तथा वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी रोहित राज शामिल हैं। इज्जतनगर मंडल की यूनिट ने तो व्यापारियों से व्यक्तिगत संपर्क छोटी-छोटी समितियां बनाई हैं। इसका असर भी दिखने लगा है। 15 जुलाई को हल्दीरोड स्टेशन से 3480 क्विंटल वजन की मैगी हावड़ा के लिए भेजी गई। इससे रेलवे को 12 लाख 83421 रुपये की आमदनी हुई। --- एक क्लिक पर पता चलेगा कि स्टोर में है कितना उपकरण अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। भारतीय रेलवे स्तर पर ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम में ई स्टोर माड्यूल तैयार किया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे सहित देश भर में लांच करने की तैयारी चल रही है। ई स्टोर माड्यूल की सुविधा का लाभ लेने के लिए इंजीनियरों को अपने कंप्यूटर पर सिर्फ एक क्लिक करना होगा। नट-बोल्ट, फिश प्लेट, स्लीपर, रेल लाइनें और अन्य उपकरण किसी स्टोर या किस स्टेशन यार्ड में पडा है, संख्या के हिसाब से जानकारी मिल जाएगी। यह भी पता चलेगा कि किस उपकरण का उपयोग हुआ है और कहां। कौन सा उपकरण काम लायक नहीं है। जोनल ही नहीं रेलवे बोर्ड दिल्ली में बैठे अधिकारी भी उपकरणों की पड़ताल कर सकेंगे। ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग में आने वाले उपकरण जगह-जगह बिखरे पड़े रहते हैं। कुछ रेल लाइनें और स्लीपर क्रासिंगों पर तो कुछ सामग्री स्टेशन यार्ड में पड़ी रहती हैं। दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। हालांकि, सुपरवाइजर स्तर के रेलकर्मियों की फाइलों में इनका उल्लेख होता है, लेकिन संबंधित अधिकारियों और रेलवे प्रशासन को कोई जानकारी नहीं होती। जरूरत पडऩे पर फाइलों और स्थल का निरीक्षण करना पड़ता है। ----- - प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मॉड्यूल लागू हो जाने से सामग्री प्रबंधन की कार्यदक्षता में अत्यधिक सुधार होगा। संरक्षित रेल यात्रा में भी यह मॉड्यूल बहुत उपयोग साबित होगा। - पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एएनई रेलवे