शारदीय नवरात्र में इस बार अष्टमीं व नवमी का अनुष्ठान व व्रत शुक्रवार 11 अक्तूबर को होगा। इसी दिन कन्या पूजन व हवन भी होगा। अष्टमी व्रत रहने वाले श्रद्धालु 11 को ही व्रत रहेंगे। पारण अगले दिन 12 को विजयादशमी में होगा। माता की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
श्री गोरक्षनाथ मंदिर के मठ पुरोहित व संस्कृत विद्यापीठ के वेद प्रवक्ता अश्वनी त्रिपाठी ने बताया कि सप्तमी तिथि बुधवार नौ अक्तूबर को सुबह 7:37 से लग गई है जो बृहस्पतिवार 10 को सुबह 7:30 तक रहेगी जिससे सप्तमी बृहस्पतिवार 10 को होगी। निशा पूजा बृहस्पतिवार 10 को रात में 11:35 से 12:25 तक होगी।
अष्टमीं तिथि बृहस्पतिवार 10 को सुबह 7:31 से शुक्रवार 11 को सुबह 6:52 तक रहेगी व नवमी तिथि 11 को सुबह 6:53 से भोर में सुर्याेदय से पहले 6:53 तक रहेगी। इसके अनुसार अष्टमीं व नवमी शुक्रवार 11 को होगी, इसी दिन कन्या पूजन व हवन भी नवमी तिथि में ही होगा।
व्रत का पारण अगले दिन शनिवार12 को सुबह सुर्याेदय के बाद होगा। दशमी शनिवार 12 को सुबह 5:48 से लगगी जिससे विजयादशमी शनिवार 12 को होगी। उन्होंने बताया कि उदया तिथि के अनुसार ही तिथि मान्य होती है। गोरखनाथ मंदिर के संस्कृत विद्यापीठ के प्रधानाचार्य व पंडित अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि निशा पूजा बृहस्पतिवार 10 को रात में ही होगी। कन्या पूजन व हवन नवमी में शुक्रवार 11 को होगा।