गोरखपुर के रामनगर कड़जहां में जमीन को लेकर चल रहे विवाद में मां को बेहोश कर रेलवे ट्रैक पर लिटाकर हत्या की कोशिश के आरोप में पुलिस दो बेटों, दो बहुओं और पोते के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों बेटों ने पहले मां का सिर पानी भरे बाल्टी में डुबोया फिर बेहोश होने पर उन्हें रेलवे ट्रैक पर लिटा दिया। संयोग से लोको पायलट की नजर उन पर पड़ गई और उनकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, शांति देवी पत्नी परशुराम निषाद के तीन बेटे रामाज्ञा, महेश उर्फ मनीष चंद व जगलाल हैं। जमीन को लेकर रामाज्ञा से महेश और जगलाल के बीच मुकदमा चल रहा है। मां शांति देवी रामाज्ञा के पक्ष में रहती हैं।
आरोप है कि बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे महेश, जगलाल और अन्य आरोपियों ने शांति देवी को जान से मारने की कोशिश में मुंह बंद करके उनका सिर पानी भरे बाल्टी में डुबोया, जिससे वह अचेत हो गईं।
आरोप है कि इसके बाद कुसम्ही रेलवे स्टेशन के पास ले जाकर मां को रेलवे ट्रैक पर लिटा दिया। उस समय गोरखपुर से देवरिया की ओर ट्रेन जा रही थी। सिग्नल नहीं होने के कारण लोको पायलट (चालक) ने ट्रेन रोक दी और ट्रैक पर देखने लगा।
उसी दौरान उसकी नजर महिला पर पड़ गई, जिससे महिला की जान बच गई। रामाज्ञा की तहरीर पर पुलिस ने महेश एवं जगलाल, दो बहुओं संतराजी, संगीता और पोते उदयचंद के खिलाफ केस दर्ज किया है।