जंगल कौड़िया में सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़े गए मकान
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गोरखपुर-सोनौली मार्ग स्थित जंगल कौड़िया चौराहे पर शनिवार को कब्जा हटाने का काम रोक दिया गया। अब होली बाद यहां कार्रवाई शुरू होगी। इससे पहले जमीन व मकान मालिकों को अपने मालिकाना हक के दस्तावेज के साथ मुआवजे के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा।
अगर मकान सरकारी जमीन पर होगी तो केवल तोड़े जाने वाले हिस्से का मुआवजा दिया जाएगा। अगर मकान निजी जमीन पर है तो जमीन और मकान दोनों का मुआवजा मिलेगा।
शुक्रवार को बिना मुआवजा दिए मकान तोड़ने के विरोध में ग्रामीणों ने घंटों हंगामा किया था। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। इसके विरोध में एक युवक छत पर चढ़कर हंगामा करने लगा था। शनिवार को भी लोग कब्जा हटाने की कार्रवाई से सहमे हुए थे। हालांकि, प्रशासन ने विरोध को देखते हुए कब्जा हटाने का कार्य रोक दिया।
भूमि अधिग्रहण अधिकारी गोरखपुर शेखर, तहसीलदार सदर ध्रुवेश कुमार सिंह और कार्यदायी संस्था पीएनसी के लाइजनिंग मैनेजर अनूप ओझा ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन से कब्जा हटाने का काम अब होली के बाद ही कराया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण अधिकारी शेखर ने बताया कि यहां बने मकान अगर आबादी, बंजर और नवीन परती पर होंगे तो मकान मालिक को आवेदन करने पर प्रभावित हिस्से का मुआवजा दिया जाएगा। यदि किसी की निजी भूमि पर बने मकान को तोड़ा जाएगा तो उसका अलग से मुआवजा दिया जाएगा।
घर टूटता देख नियंत्रण खो बैठा था कृष्णा
शुक्रवार को जिस युवक कृष्णा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था, उसके बड़े भाई और पिता को हिरासत में लिया गया था। कोई उसकी समस्या नहीं सुन रहा था। उसका कहना था कि जब कुछ लोग उसको पकड़ने पहुंचे तो वह इस डर से खुद को कमरे में बंद कर लिया कि कहीं उसके साथ मारपीट न हो जाए। कृष्णा का कहना है कि घर का कुछ हिस्सा तोड़ा गया, जिससे बाकी हिस्से भी दरकने लगे हैं।