शहर, गांव व कस्बे में एक वर्ष पहले तक आतंक का पर्याय बने बिच्छू, महाकाल और ईगल जैसे ग्रुप बनाकर नव युगल वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो वे शांत हो गए। इधर चुनाव आते ही पुलिस के व्यस्त होने पर उनकी भी सक्रियता बढ़ गई है।
कुछ दिन पहले महाकाल ग्रुप चौरीचौरा और झंगहा इलाके में मामला प्रकाश में आया था। अब गोला में बिच्छू गैंग द्वारा रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। इसके बाद यह ग्रुप फिर चर्चा में आ गए हैं।
शहर के आसपास के ईगल और महाकाल ग्रुप काफी सक्रिय थे। वहीं देहात क्षेत्र में बिच्छू ग्रुप सक्रिय था। यह हर ग्रुप स्थानीय किसी न किसी रसूखदार या माफिया की सरपरस्ती में चल रहा था। इस ग्रुप में क्षेत्र में गुंडई करने वाले नवयुवक शामिल थे।
ग्रुप के किसी सदस्य से कहीं भी वाद-विवाद होने पर एक मैसेज फारवर्ड करते ही कुछ ही देर में एक से दो दर्जन बाइक सवार मौके पर पहुंच जाते हैं। ग्रुप के सदस्य चंद मिनटों में विरोधी के साथ मारपीट कर गायब हो जाते हैं।
इस ग्रुप के नवयुवकों के आतंक से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल व्याप्त था। कुछ घटनाओं में पुलिस ने कार्रवाई की, फिर भी ग्रुप के सदस्यों की कारगुजारियां सामने आती रहीं। इस ग्रुप के सदस्यों के पकड़े जाने पर उनके सरपरस्त उनको थाने से छुड़ाने में जुट जाते थे।
उनके जेल जाने पर वह कचहरी में उनकी रिहाई तक की पैरवी करवाते थे। इसके बदले जब उनको जरूरत पड़ती थी, तो ग्रुप के सदस्य एक आवाज पर जुट जाते हैं।
सरपरस्तों पर हुई कार्रवाई तो विलुप्त हो गया ग्रुप
ईगल, बिच्छू और महाकाल ग्रुप के द्वारा की जा रही घटनाओं से परेशान होकर पुलिस ने जब उन पर कार्रवाई शुरू की, तो उनके सरपरस्त सामने आने लगे। पुलिस ने एक-एक कर उनके सरपरस्त जो उस क्षेत्र के रसूखदार और मनबढ़ किस्म के थे, उन पर कार्रवाई शुरू की तो ऐसे ग्रुप से जुड़े नव युवकों ने भी अपनी राह बदल ली। अब चुनाव में उनकी सक्रियता बढ़ते ही यह ग्रुप भी सक्रिय हो गया है।
फिर सक्रिय हो गया महाकाल ग्रुप
गोरखपुर जिले में महाकाल ग्रुप फिर सक्रिय हो गया है। चौरीचौरा इलाके में एक छात्र को पेड़ में बांध कर पिटाई की गई। छात्र के पिता ने उनके खिलाफ चौरीचौरा थाने में तहरीर देते हुए उनके महाकाल ग्रुप से जुड़े होने का आरोप लगाया था। वहीं दूसरी घटना झंगहा इलाके की है। इस घटना में भी महाकाल ग्रुप का नाम प्रकाश में आया है। पुलिस इस मामले में पांच नामजद समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
डिजिटल गुंडे बना रखे हैं व्ह्वाटसएप ग्रुप
पुलिस की जांच में सामने आया था कि हाइटेक गुंडों ने वाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। वह ग्रुप में एक सूचना पर मौके पर पहुंच कर आतंक मचाते हैं। पुलिस की जांच में नवयुवकों के बीच बिच्छू ग्रुप, महाकाल ग्रुप, ईगल ग्रुप, देवा ग्रुप, गैंगस्टर ग्रुप, एके 47 ग्रुप, गुंडों की टोली, डी कंपनी ग्रुप, वाट्सएप पर चलने की पुष्टि हो चुकी है।
यह किसी एक थाना क्षेत्र या इलाके ही बात नहीं, बल्कि शहर से लगायत गांव तक नवयुवक ऐसे ग्रुप बना रखे हैं। हालांकि मामला प्रकाश में आने पर समय-समय पर पुलिस इन पर कार्रवाई करती रहती है।
एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि महाकाल और बिच्छू ग्रुप जैसे नाम चर्चा में होने के चलते लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। इस समय ऐसा कोई ग्रुप सक्रिय नहीं है। चौरीचौरा और झंगहा में आपसी लड़ाई की बात सामने आई थी। गोला के मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है। वादी और आरोपी दोनों दोस्त हैं। अगर ऐसा किसी ग्रुप के सक्रिय होने की जानकारी मिलेगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।