ट्रेनों में कंफर्म सीट पाने के लिए दलालों ने अब एचओ (हेड ऑफिस) कोटे में सेंधमारी कर ली है। रेल अफसरों के फर्जी लेटरहेड पर सीट कंफर्म करा रहे हैं। गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस में बीते दिनों एक मामला पकड़ा गया है। दलाल ने बकायदा फर्जी पैड पर अफसर बनकर प्लीज अलॉट लिखकर अलग से मार्किंग भी कर दी थी।
लेकिन, अधिकारी का हस्ताक्षर पहचानने वाले अलाॅट अफसर ने टिकट कंफर्म करके तत्काल विजिलेंस को सूचना दे दी। विजिलेंस ने ट्रेन में चेकिंग कर और यात्री से पूछताछ की तो मामला सामने आ गया। विजिलेंस ने एक दलाल को पकड़ा है, जिससे पूछताछ चल रही है। जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है।
गर्मी की छुट्टियां होने और सहालग के चलते ट्रेनों में इन दिनों जबरदस्त भीड़ है। इसका फायदा उठाते हुए दलाल टिकट कंफर्म कराने के नाम पर मनमाना वसूल रहे हैं। एचओ कोटा से फर्जी पैड पर टिकट कंफर्म कराने का मामला पहले भी पकड़ा गया था, लेकिन अब तक तक सांसदों के पैड का ही इस्तेमाल किया गया था। पहली बार रेल अधिकारी के फर्जी पैड का इस्तेमाल पकड़ा गया है।
जानकारी के मुताबिक, पांच दिन पहले एक वाणिज्य अधिकारी की नजर ऐसे ही पैड पर पड़ी। कोटा अलाॅट करते समय उन्हें जब पैड पर संदेह हुआ तो उन्होंने गिरोह को पकड़वाने के लिए विजिलेंस को सूचना दे दी। उन्होंने कोटा अलॉट कराकर पूरी जानकारी विजिलेंस विभाग को दी। विजिलेंस की टीम ट्रेन में पहुंची और यात्री से पूछताछ की।
यात्री से पूछताछ के बाद टीम ने एक दलाल को पकड़ लिया है, अभी उससे पूछताछ चल रही है। विजिलेंस को शक है कि इस मामले में विभागीय लोग भी मिले हुए हैं। फिलहाल, पूरे मामले की जांच विजिलेंस के अधिकारी कर रहे हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि जिन विभागों से लेटर हेड आ रहा है, वहां संपर्क करके हकीकत के बारे में पता किया जा रहा है।
क्राॅस चेक कर रहे कोटा अलाॅटिंग अफसर
रेलवे के वाणिज्य विभाग में अब कोटा अलाॅट करने वाले अफसर लेटर हेड की क्रॉस चेकिंग करवा रहे हैं। वहीं, रेल अधिकारी भी विभाग में रजिस्टर बनवा लिए हैं, ताकि जिसका टिकट कंफर्म होने के लिए भेज रहे हैं, उसकी डिटेल उनके पास मौजूद रहे। यही नहीं, पिछले कुछ दिनों में आए लेटर हेड की भी निगरानी की जा रही है।
एचओ कोटा में आने वाले आवेदनों को समय-समय पर क्राॅस चेक कराया जा रहा है। फर्जीवाड़ा में जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रेलवे बोर्ड ने एचओ कोटा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।
अब अधिकारी को लिखित आवेदन के साथ अपना नाम, पद, मोबाइल नंबर आदि का ब्योरा देना है। हर अफसर को रजिस्टर मेंटेन करना है, ताकि कभी चेक किया जा सके। ट्रेवल एजेंट का आवेदन नहीं भेजना है:
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर
पहले भी आ चुके हैं मामले
16 जुलाई 2022 : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (सीआइबी) और सतर्कता संगठन (विजिलेंस) की संयुक्त टीम ने सांसदों के पैड पर रेलवे का वीआईपी कोटा आवंटित कराने वाला दलाल पकड़ा था। दलाल यात्रियों से पांच सौ से एक हजार रुपये लेकर सांसदों के पैड का इस्तेमाल कर वेटिंग टिकट रेलवे के वीआईपी कोटे से कन्फर्म कराता था।
टीम ने उसके मोबाइल से गोरखपुर सदर, बांसगांव और खलीलाबाद के सांसद का 35 पैड और 8880 रुपये नकद बरामद किया। वह प्रति टिकट 1000 से 1500 रुपये लेता था। टीम ने आरोपी सत्येंद्र पाल के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भिजवा दिया।
17 जून 2021 : आरपीएफ ने एक टिकट एजेंट और एक दलाल को पकड़ा था। दलाल के पास से सांसदों के 13 फर्जी लेटर हेड मिले। दलाल ने लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक ट्रेन में सांसद (राज्यसभा) एनसीपी महाराष्ट्र देवीप्रसाद त्रिपाठी के लैटर पैड पर पुष्पक एक्सप्रेस के स्लीपर में टिकट कंफर्म कराने के लिए इमरजेंसी कोटा लगाया।
लेटर पैड को डीआरएम दफ्तर में लगे ड्राॅप बाक्स में डाल दिया। जब रेलवे अफसरों ने लैटर पैड की जांच की तो उस पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद यात्रियों से जांच टीम ने ट्रेन में संपर्क किया, जहां बातचीत में यह बात सामने आई कि ठाकुरगंज निवासी आईआरसीटीसी एजेंट सैय्यद सलीम हुसैन से टिकट करवाया गया है।
उसे आरपीएफ की टीम ने पकड़ा। उसके पास से 51 टिकट और 32,800 रुपये बरामद हुए। दूसरी तरफ पकड़े गए जालसाज पंकज सिंह कुशवाहा के पास सें 13 लेटरपैड बरामद किए गए, जो पांच अलग-अलग नेताओं के नाम पर थे।