लखनऊ बस में लगी आग के बाद गोरखपुर में भी बसों की फिटनेस जांत करवाई जाएगी
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संभागीय परिवहन विभाग कार्यालय में पिछले एक साल में स्कूली वाहनों समेत जितने भी यात्री वाहनों के फिटनेस हुए हैं, उन सभी फिटनेस की दोबारा जांच होगी। परिवहन विभाग ने यह निर्देश लखनऊ में दो दिन पहले स्लीपर बस में आग लगने की घटना के बाद दिया है।
इस घटना में पांच लोगों की जलकर मौत हो गई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से जल गए थे। इस बस का फिटनेस गोरखपुर में ही हुआ था। बस का फिटनेस करने वाले तत्कालीन आरआई को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
बिहार से दिल्ली जा रही एसी स्लीपर बस में दो दिन पूर्व लखनऊ के किसान पथ पर आग लग गई थी। प्रारंभिक जांच से पता चला कि आठ अप्रैल 2024 को एनीव्हेयर फिटनेस प्रणाली के तहत बस को देखे बिना ही फोटो के आधार पर ही गोरखपुर के तत्कालीन आरआई राघव कुशवाहा ने फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिया था।
एआईएस-119 मानकों के अनुरूप न तो सीट का लेआउट था, न ही आपात निकास द्वार। गंभीर लापरवाही और नियमों की अवहेलना के आधार पर राघव कुमार कुशवाहा को निलंबित किया गया। राघव कुशवाही की तैनाती वर्तमान में बरेली में है।
राघव के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। इस घटना के बाद परिवहन विभाग स्लीपर बसों के फिटनेस को लेकर सख्त हो गया है। विभाग ने पिछले एक साल में हुए सभी यात्री वाहनों के फिटनेस के जांच के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ में जिस स्लीपर बस में आग लगी थी, उसका फिटनेस गोरखपुर में हुआ था। इस मामले में तत्कालीन आरआई राघव कुशवाहा को विभाग ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही विभाग ने निर्देश दिया है कि पिछले एक साल में हुए वाहनों के फिटनेस की जांच की जाए:
रामवृक्ष सोनकर, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन