गणेश चतुर्थी के दिन से शुरू हुए 10 दिवसीय गणपति महोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर हो गया। शुक्रवार को ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तुम जल्दी आना...’ की गूंज के साथ श्रद्धालुओं ने घरों और पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन राजघाट में बने कृत्रिम तालाबों में किया।
अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह घरों और पंडालों में विधि-विधान से भक्तों ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और हवन कर 10 दिनों के पूजन की पूर्णाहुति दी। दोपहर बाद से प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ। विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रतिमाएं राजघाट पहुंचीं जहां आरती कर विसर्जित की गईं।
कालीबाड़ी में महाआरती का आयोजन
रेती चौक स्थित कालीबाड़ी मंदिर में भगवान गणेश की विधिवत पूजन कर महाआरती की गई। इस बीच मंत्रोच्चार और घंट-घड़ियाल गूंज रहे थे। भगवान गणेश से सभी के लिए मंगलकामना की गई। इस अवसर पर महंत रविंद्र दास, दुर्गा प्रसाद, बीएन बैजल, ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन, संजीत कुमार, मंजीत कुमार, मनोज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद रहें।
हर्षोल्लास के साथ गणपति की प्रतिमा का विसर्जन
हुमायूंपुर के शांताराम नागरकर हाता में स्थापित गणेश प्रतिमा का विसर्जन हर्षोल्लास के साथ राप्ती में किया गया। विसर्जन के पूर्व आरती कर श्रद्धालुओं में प्रसाद बंटा गया। इस वर्ष के आयोजन में सुरेश नागरकर, दीपक आत्रे, स्मिता, शोभा होसिंग, ममता, वंदना, अंजू, राखी राय, सारिका, रूपेश आदि मौजूद रहे।