आईएमए के डॉक्टर भी होंगे अस्पतालों की जांच में शामिल आईएमए के सदस्य स्वास्थ्य विभाग और आईएमए के बीच हुआ समझौता अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। शहर में निजी अस्पतालों की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग और आईएमए के बीच चल रहा गतिरोध खत्म हो गया है। सोमवार को आईएमए के पदाधिकारियों ने सीएमओ से मुलाकात करते हुए जांच के समय आईएमए के पदाधिकारियोंं को शामिल करने अनुरोध किया। इस पर सीएमओ ने हामी भर दी है। अब जांच के समय आईएमए के पदाधिकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम में मौजूद रहेंगे। जिले में विभाग ने 110 निजी अस्पतालों को इमरजेंसी इलाज करने की अनुमति दी है। इन अस्पतालों की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है। सीएमओ के निर्देशन में टीम लगी हुई है। पांच टीमों ने अब तक 60 से अधिक अस्पतालों की जांच की है। जांच में 80 फीसदी अस्पतालों में खामियां मिली हैं । सभी को नोटिस दी गई। इस नोटिस और कार्रवाई के बाद आईएमए के सदस्य नाराज थे। सोमवार को आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एससी कौशिक की अगुआई में डॉक्टरों की टीम सीएमओ मुलाकात की। आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा कि छोटी-छोटी खामियों को लेकर नोटिस दिया जा रहा है। अस्पताल संचालकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। इससे अस्पताल संचालक की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। आईएमए के सचिव डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि वार्ता के दौरान सीएमओ ने आईएमए के पदाधिकारियों को भी जांच में शामिल होने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ आईएमए के सदस्य चाहें तो इस जांच में जा सकते हैं। वह स्वयं अस्पतालों में सुविधाओं का आकलन कर लें। सीएमओ के इस प्रस्ताव पर आईएमए ने सहमति की मुहर लगा दी है। इसकके लिए टीम गठित की जाएगी।