बिना नक्शे के बने मकान को लेकर जीडीए ने आखिरी नोटिस 21 मार्च 2021 को दिया था। बाद में मकान को सील कर दिया गया। इसके बाद से संजय की ओर से जवाब नहीं आने पर कार्रवाई की गई है। देर शाम मकान को जमींदोज करने की कार्रवाई पूरी हो गई। जानकारी के मुताबिक, माफिया विनोद उपाध्याय ने अपने भाई संजय और गुर्गों के साथ मिलकर पूर्व शासकीय अधिवक्ता प्रवीण श्रीवास्तव की जमीन पर कब्जा किया था। यह जमीन संजय के घर के पास ही है। यह मामला सामने आने के बाद ही माफिया विनोद, संजय और गिरोह के सदस्यों पर पुलिस की नजर पड़ी। जांच में पता चला कि संजय उपाध्याय ने गुलरिहा इलाके के सलेमपुर उर्फ मोगलहा में स्थित 450 वर्ग मीटर में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध निर्माण कराया है।
शिकायत पर 19 मार्च 2021 को जीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। मानचित्र नहीं दिखा पाने पर नोटिस जारी किया था। इसके बाद जीडीए के अधिकारियों ने वाद दायर करते हुए 24 मई 2019 तक कार्यालय में प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने के लिए संजय को नोटिस दिया था, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं हुआ। इसके बाद जीडीए ने निर्माणाधीन मकान को सील कर दिया था।
रविवार की सुबह 11 बजे जीडीए की टीम, बुलडोजर लेकर सलेमपुर उर्फ मोगलहा स्थित संजय के मकान पर पहुंची। फिर टीम ने मकान को बुलडोजर से पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी नार्थ मनोज अवस्थी, एसपी मानुष पारिक, राजस्व टीम में अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय राजीव कुमार, जीडीए से विशेष कार्याधिकारी प्रदीप कुमार सिंह, सहायक अभियंता कुंज बिहारी व पुलिस बल की मौजूदगी रही।
करीब दो करोड़ आंकी जा रही कीमत
संजय उपाध्याय का जो मकान जमींदोज हुआ है, उसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी गई है। जीडीए के अधिकारियों ने अवैध तरीके से बने घर का मूल्यांकन किया है। सलेमपुर उर्फ मोगलहा के अलावा शाहपुर व गोरखनाथ इलाके के धर्मशाला बाजार में भी माफिया का ठिकाना चिह्नित किया गया है। इसके बारे में नगर निगम और जीडीए की टीम जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा कुछ अन्य जमीनों के बारे में भी जानकारी मिली है, जिस पर पुलिस प्रशासन की नजर पड़ गई है।
संजय पर दर्ज हैं 13 केस
शाहपुर इलाके के शक्तिनगर में रहने वाले संजय उपाध्याय पर शाहपुर, गोरखनाथ, कैंट, गुलरिहा थाने में गैंगस्टर, बलवा, हत्या का प्रयास, रंगदारी, गुंडा एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कुल 13 केस दर्ज हैं। हाल में जमीन पर कब्जा और रंगदारी के मामले में माफिया विनोद के साथ संजय पर भी केस दर्ज किया गया था और तभी से वह फरार है।
सलेमपुर उर्फ मोगलहा में 450 वर्ग मीटर में 250 वर्ग मीटर निर्मित मकान था। इसकी अनुमानित लागत 2 करोड़ है। जीडीए से नक्शा पास नहीं है। 19 मार्च 2021 को नोटिस दिया गया था। जवाब नहीं मिलने पर 24 मार्च 2021 को उसे सील किया गया था। किशन सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता, जीडीए
माफिया विनोद के साथ ही उसके भाई संजय पर रंगदारी और जालसाजी का केस दर्ज है। गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। रविवार को जीडीए की टीम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। माफिया विनोद और उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी