अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दिल्ली, मुंबई समेत अन्य बड़े शहरों के लिए कंफर्म टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। इसका फायदा ई-टिकट के धंधेबाज यात्रियों को अपने जाल में फंसाकर उठा रहे हैं। वे खुद के अलावा कंप्यूटर के अन्य जानकारों की मदद से पर्सनल आईडी का प्रयोग कर तत्काल ई-टक्ट बनवा रहे हैं। यह पूरा खेल कई प्रतिबंधित वेबसाइटों के सहारे चल रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे में निर्माण कार्य के कारण पहले कैंट, वाल्मीकिनगर, भटनी, छपरा और अब बाराबंकी में मेगा ब्लाॅक है। अलग-अलग जगहों पर चल रहे ब्लॉक की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित है। ट्रेन की संख्या कम होने के कारण कंफर्म टिकट के लिए मारामारी मची है। इसका फायदा धंधेबाज उठा रहे हैं। तत्काल टिकट के लिए धंधेबाजों ने कई प्रतिबंधित वेबसाइट के जरिए आईआरसीटीसी के सिस्टम में सेंध लगा रखी है। इसका खामियाजा आम यात्री उठा रहे हैं। आम यात्रियों को जहां एक टिकट नहीं मिल रहा है। वहीं, धंधेबाज अलग-अलग पर्सनल आईडी के इस्तेमाल से एक साथ कई यात्रियों का कंफर्म टिकट निकाल ले रहे हैं।
स्लीपर 800 और एसी के टिकट पर वसूल रहे 1500 अतिरिक्त चार्ज
धंधेबाज स्लीपर क्लास के टिकट के लिए 500 से 800 रुपये और एसी थर्ड के लिए 1000 से 1500 रुपये अतिरिक्त चार्ज वसूल रहे हैं। सोमवार को खजनी में एक युवक को आरपीएफ ने अवैध टिकटों के धंधे में संलिप्त होने के आरोप में पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक अन्य कंप्यूटर सेंटर के जरिए ई-टिकट बनवाता है। इस युवक के पास आईआरसीटीसी का केंद्र है। वह अपनी कामर्शियल आईडी के बजाय दूसरे की पर्सनल आइडी का उपयोग कर रहा है। युवक को एक अन्य व्यक्ति प्रतिबंधित वेबसाइट के जरिए दिल्ली-मुंबई का टिकट तत्काल बनाकर दे देता है। आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद बताते हैं कि तीन महीने में कई जगहों से इस तरह के मामले पकड़े जा चुके हैं। डोमिनगढ़ इलाके में एक मामला पकड़े जाने के बाद खजनी में ऐसा ही धंधा चलने की जानकारी मिली तो कार्रवाई की गई। अभी एक और युवक की तलाश चल रही है।